मोहले की पूरी विदाई, अमर को सांत्वना पुरस्कार गणतंत्र दिवस के परेड, बिलासपुर की जिम्मेदारी उपमुख्यमंत्री को
Monday, 22 Jan 2024 18:00 pm
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बिलासपुर, 23 जनवरी 2024।
26 जनवरी गणतंत्र दिवस की परेड में छत्तीसगढ़ के विभिन्न 33 जिला मुख्यालयों पर कौन मंत्री कौन विधायक कहां ध्वजारोहण करेगा और परेड की सलामी लगा इसकी सूची निकल चुकी है। बिलासपुर में यह जिम्मेदारी उपमुख्यमंत्री अरुण साव को मिली है। मुंगेली जिले में गणतंत्र दिवस की परेड में सलामी बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक लेंगे, जांजगीर चांपा जिले में यह जिम्मेदारी बिलासपुर विधायक अमर अग्रवाल की है।
सबको पता है छत्तीसगढ़ में कुल 14 मंत्री बनाए जा सकते हैं 13 बनाए जा चुके हैं। प्रदेश की राजधानी रायपुर में 26 जनवरी गणतंत्र दिवस का कार्यक्रम राज्यपाल के जिम्मे में रहता है। ऐसे में 33 जिला मुख्यालय में हर जगह कैबिनेट मंत्री परेड की सलामी नहीं ले सकता इसी कारण कुछ विधायकों को भी मौका मिलता है। बिलासपुर की जिम्मेदारी उपमुख्यमंत्री अरुण साव के खाते में आई यह विधानसभा में लोरमी विधायक हैं। इसके पहले वे लोकसभा बिलासपुर का प्रतिनिधित्व करते थे। लोरमी विधानसभा मुंगेली जिले के अंतर्गत आता है मुंगेली जिले में दो विधानसभा क्षेत्र आता है। पहले मुंगेली जो एससी आरक्षित है और यहां से भाजपा के विधायक पुन्नू लाल मोहले लगातार जीते आ रहे हैं। पर उन्हें गणतंत्र दिवस परेड की सलामी का मौका नहीं मिला इसके पूर्व पिछली भाजपा सरकार इसके मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह थे पुन्नू लाल मोहले को कैबिनेट मंत्री होने के कारण परेड की सलामी लेने का मौका मिलता ही था।
ऐसे में इस बार सूची में उनका नाम न देख उनके समर्थकों को आश्चर्य जनक धक्का लगा साथ ही साय की नीति का अंदाज भी लग गया उन्हें ये संकेत मिल गया कि एससी बाहुल्य मुंगेली जिले में भी विधायक मोहले की नहीं चलेगी। साथी मुंगेली में धरमलाल कौशिक के हाथों ध्वजारोहण से यह इशारा कर दिया गया कि जिले का एक छोटा सा ब्लॉक पथरिया जो बिल्हा विधानसभा क्षेत्र का हिस्सा है का राजनीतिक पुछ मुंगेली से अधिक है। बिलासपुर जिले की बिलासपुर विधानसभा के विधायक अमर अग्रवाल को जांजगीर की जिम्मेदारी दे दी गई जांजगीर जिला भाजपा मुक्त हो चुका है। यहां और सक्ति जिले में भाजपा का पूरी तरह सफाया हो चुका है। बिलासपुर विधायक अमर अग्रवाल को जांजगीर भेजना इस और इशारा करता है कि बिलासपुर जिले में तो सट्टा का एक केंद्र उप मुख्यमंत्री बनेंगे।
ध्वजारोहण की सूची यहां प्रशासनिक हल्का को कुछ इशारे करती है वैसे ही पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच भी संदेश देती है। कल जब पूरा शहर अयोध्या राम मंदिर इवेंट में हिस्सेदारी कर रहा था तब इस सूची पर किसी ने विशेष ध्यान नहीं दिया। दैनिक अखबारों में भी इसे सूचनात्मक तरीके से स्थान मिला। पर आज सब लोग अपने-अपने तरीके से इसके अर्थ खोज रहे हैं।