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24hnbc अपने ही संगठन पर बोझ बन गए बिलासपुर के दो पदाधिकारी
Monday, 08 Jan 2024 18:00 pm
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बिलासपुर, 9 जनवरी 2024।
बिलासपुर जिले में दो विधानसभा सीट अर्थात दो विधायक एक सामान्य एक आरक्षित सीट जीतने के बावजूद जिले का कांग्रेस संगठन जिंदा होने के लक्षण भी नहीं दिखा पा रहा। पद का प्रेम पदाधिकारी को वैसा ही लग गया है जैसा बंदरिया को मृत बच्चे का मोह हो जाता है। जिला ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष चाहते तो नैतिकता के आधार पर स्वयं के हार के बाद ही अपने पद से इस्तीफा दे देते, अब तो यह बताने में भी शर्म आती है कि कांग्रेस के जिला ग्रामीण अध्यक्ष ने बेलतरा विधानसभा से चुनाव लड़ा और हार गए अपनी ही हार के बाद भी उन्होंने दिखावटी ही सही पर एक बार भी इस्तीफा की पेशकश नहीं भी नहीं कि, जिले की कुल सीट में से कांग्रेस को दो सीट पर जीत मिली। मस्तूरी आरक्षित एससी सीट पर कांग्रेस जीती उसे जीत में जिला ग्रामीण अध्यक्ष की कोई भूमिका नहीं है। मस्तूरी में प्रत्याशी दिलीप लहरिया की जीत के पीछे वहां के ब्लॉक अध्यक्ष ने भूमिका निभाई संगठन में तमाम भीतर घातियों पर नियंत्रित करते हुए भारतीय जनता पार्टी के पूर्व मंत्री एससी समाज के बड़े चेहरे कृष्णमूर्ति बांधी को परास्त किया। दूसरा सामान्य सीट कोटा अटल श्रीवास्तव ने कोटा क्षेत्र के स्थानीय नेताओं के साथ भारतीय जनता पार्टी के चमकदार चेहरे जो घर वापसी और सनातन संस्कृति के रोल मॉडल प्रबल प्रताप को हराया, कोटा में कांग्रेस की यह जीत विशेष मायने रखती है यहां से श्रीमती रेणु जोगी लगातार तीन जीत दर्ज कर चुकी थी तीसरी जीत के बाद अजीत जोगी का निधन हुआ माना जाता था रेणु जोगी को सहानुभूति बोर्ड भी मिलेगा पर तमाम समीक्षा एक तरफ धरी रह गई, कुंडली बाचने वाले भी झूठे पड़ गए। भूपेश के चाहते अटल ने चुनाव जीत ही लिया और इस जीत में भी जिला ग्रामीण अध्यक्ष की कोई भूमिका नहीं थी।
छत्तीसगढ़ में करारी हार के कारण शैलजा कुमारी को हटाया गया बिलासपुर के महापौर का चर्चित ऑडियो बयान बेलतरा की सीट 4 करोड़ का लेनदेन, लेने वाले का पद चला गया पर देने वाले पर गाज नहीं गिरती पूरा संगठन, संगठन के कार्यकर्ता पहले फुसफुस कर अब खुले आम अपने पदाधिकारीयों की निर्लजता की चर्चा पार्टी कार्यालय से लेकर छत्तीसगढ़ भवन तक और जहां कहीं भी बोलने का अवसर मिलता है वहां पर कहते हैं।
एक ओर भारतीय जनता पार्टी का प्रदेश प्रभारी 72 प्लस जिम्मेदारी मिलने पर रात दिन एक कर दिया। बलरामपुर से सुकमा और कबीरधाम से रायगढ़ माप दिया और तमाम राजनीतिक प्रेक्षकों को झूठलाते हुए भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनवा ही ली, और अब लोकसभा की 11 सीट जीतने के लिए फिर से मैदान में है। दूसरी ओर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज और नए प्रभारी सचिन पायलट भारतीय जनता पार्टी के प्रभारी के सामने बहुत ही युवा हैं पर मेहनत के मामले में सलाहकार मंडल की आयु वर्ग के हो गए । कोई गंभीर प्रभारी होता तो नियुक्ति दिनांक से ही प्रदेश में डेरा डाल देता और संगठन में डंडा लगता सचिन जी को राजस्थान की दाल बाटी से अत्यंत प्रेम है छत्तीसगढ़ का झोझो भात आकृष्ट ही नहीं कर रहा 11 को रायपुर आएंगे कांग्रेस की खोखली परंपरा, ढोल ताशा की आवाज सुनेंगे और संतुष्ट हो जाएंगे। असलियत वे भी जानते हैं कि बूढ़े थकाव, थकेले, उत्साह विहीन, ऊर्जा विहीन हो चुके पदाधिकारी किसी काम के नहीं यदि उन्हें कुछ करना है तो ब्लॉक से राजीव भवन तक ऑपरेशन करना होगा अन्यथा आईसीयू में पड़ा हुआ बिलासपुर संगठन भवन से निकलकर मुक्तिधाम की और कुचकर जाएगा।