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आवेदनकर्ता ने चाचा ससुर के कहने पर किया था हस्ताक्षर व आं ले प क अधिकारी श्रीराम साहू पर लगा था 7 लाख 82 हजार गबन का आरोप
Friday, 05 Jan 2024 18:00 pm
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बलौदाबाजार, 6 जनवरी 2024।
मामले का विवरण इस प्रकार से है कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा समाज कल्याण विभाग के माध्यम से प्रदेश के निम्न और कमजोर तबकों के असहाय और बेसहारा लोगों के सर्वांगीण विकास और उत्थान के लिए विभिन्न प्रकार की महत्वपूर्ण योजनाओं का संचालन किया जा रहा है और लाखों करोड़ों रुपया लगाकर शासन इन कमजोर तबकों के दिव्यांग व्यक्तियों के लिए विभिन्न प्रकार की योजनाओं के साथ-साथ आवश्यक उपकरणों का भी वितरण किया जाकर लोगों को जीने का एक सहारा देने के उद्देश्य से योजनाएं संचालित की जा रही है। इतना ही नहीं छत्तीसगढ़ शासन इन निम्न और कमजोर असहाय बेसहारा तपको के लाभांवित हितग्राहियों को विभिन्न प्रकार की संचालित योजनाओं की जानकारी के लिए प्रचार प्रसार के माध्यम से लाखों करोड़ों रुपया प्रति वर्ष व्यय की जाती है।लेकिन शासन की मंशा को ठेंगा दिखाते हुए जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारियों द्वारा ऐसे निम्न और कमजोर तत्वों के असहाय बेसहारा दिव्यांग सामाजिक सुरक्षा पेंशन विकलांग पेंशन वृद्धावस्था पेंशन निराश्रित विधवा पेंशन जैसे कमजोर हितग्राहियों को भी नहीं बक्शा जा रहा है बल्कि इन कमजोर लोगों की हितग्राहियों के आड़ में लाखों रुपया का गबन किया जा रहा है। ऐसा ही एक मामला जनपद पंचायत कसडोल का है जहां तत्कालीन वरिष्ठ आंतरिक लेखा परीक्षण करारोपण अधिकारी श्रीराम साहू जो वर्तमान में जनपद पंचायत बलौदाबाजार में पदस्थ है उनके द्वारा मृत एवं पलायन व्यक्तियों के नाम से 2011 से लेकर 2018 तक लगभग 20 पंचायत को जारी की गई राशि को नियमानुसार वसूली के लिए लिखा गया था लगभग 20 ग्राम पंचायत में सर्वा रंगोरी बगार खर्री सेल मोतीपुर चांदन छतवन महाराजी बलौदा कुर्माझर मोहतरा धमलपुर गिरौदपूरी सेल मुडियाडीह मोहतरा खरवे सहित सभी ग्राम पंचायत के सरपंच एवं सचिवों द्वारा अंतर की राशि को तत्कालीन एवम वर्तमान में जनपद पंचायत बलौदाबाजार में पदस्थ जिम्मेदार अधिकारी श्रीराम साहू को 33 लाख 26 हजार नगद और 4 लाख 50 हजार रुपए को चेक के माध्यम से जमा किया गया है लेकिन इन कमजोर असहाय लोगों की अंतर की राशि को जिम्मेदार जांच अधिकारी तत्कालीन वरिष्ठ आंतरिक लेखा परीक्षण अधिकारी श्रीराम साहू द्वारा 7 लाख 82 हजार को समाज कल्याण विभाग या जनपद पंचायत या जिला पंचायत में जमा किया गया है इसका कहीं कोई जानकारी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। जिसकी शिकायत धरमू घृतलहरे के द्वारा अगस्त महीने मे कलेक्टर और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को किया गया जिसमें उन्होंने कहा था कि ऐसे जिम्मेदार अधिकारी जो राशि की गबन की गई है उनके खिलाफ नौकरी से भी बर्खास्त कर दंडात्मक कार्यवाही की जाए।जिसका पहले भी और बीते दिवस भी अखबारों में भी छपा मगर बाद में यह भी एक आवेदन की कापी दिखी जिसमें आवेदनकर्ता ने दिए गए आवेदन का निराधार बताया जिसमें लिखा हुआ था कि मै धरमलाल धृतलहरे पिता तन्नूराम जाति सतनामी ग्राम सरवानी ग्राम पंचायत सरवानी जनपद पंचायत कसडोल का निवासी हूं जो कि विषयोर्गत शिकायत के संबंध में मेरा कथन निम्नानुसार है....
* रामसाय मनहरे करारोपण अधिकारी बलौदाबाजार जो मेरे चाचाससुर है उसने मुझे फोन करके बोला और कहा कि एक आवेदन पत्र देना है।
* यह कि मेरे चाचाससुर रामसाय मनहरे करारोपण अधिकारी बलौदाबाजार ने मुझे दिनांक 15/08/2023 को फोन करके बोला कि दिनांक 16/08/2023 को आवेदन में दस्खत करनें एवं कलेक्टर कार्यालय में आवेदन जमा करने हेतु बुलाया था लेकिन मुझे मोटरसायकिल चलाने नही आता है इस कारण मैं अपने दोस्त को कहा था कि बलौदाबाजार जाने के लिए लेकिन दोस्त नही आये इस कारण मै बलौदाबाजार नही गया और न ही मै दस्खत किया हूं मेरा जो दस्खत है मेरे चाचाससुर रामसाय मनहरे द्वारा फर्जी किया गया है।
* यह कि मैं श्रीराम साहू को जानता पहचानता नही हूं और मुझे पेंशन संबंधी कोई जानकारी नही है।
*यह कि आवेदन पत्र व आवेदन के साथ संलग्न दस्तावेज के संबंध में मुझे कोई जानकारी नही है जो कार्यालय में पेंश किया गया है वह आवेदन व दस्तावेज मेरे चाचाससुर रामसाय मनहरे करारोपण अधिकारी बलौदाबाजार के द्वारा किया गया है।
*यह कि किया गया शिकायत से मुझे कोई लेना देना नही है
उक्त बयान मै दो गवाहो के समझ सुनकर एवं बिना नशापान किये हस्ताक्षर कर पेश कर रहा हूं। जिसमें गवाही फलिंद्र यादव सरवानी, जगदीश प्रसाद कैवर्त मड़कड़ा रहे।
पूरे मामले को गंभीरता से देखने पर कई तरह की प्रतिक्रिया है उत्पन्न हो रही है जिसमें वरिष्ठ आंतरिक लेखपाल करारोपण अधिकारी श्री राम साहू जो पहले कसडोल में पदस्थ थे और आज वर्तमान में बलौदाबाजार में पदस्थ है जिनके नाम पर आवेदन दिया गया था और वह आवेदन में वापसी जैसा दृश्य पैदा हो गया मगर आवेदनकर्ता ने आवेदन किसी के कहने पर किया है कि वाक्यांश पैदा कर दिए अब यह जिलाधीश के पास में जो यह आवेदन आया है अब वह उसे किस तरह से संज्ञान में लेते हैं इस पूरे विषय पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत कसडोल हिमांशु वर्मा से बीते दिवस फोन की गई मगर बात नहीं हो पाई इसीलिए बात की प्रक्रिया की जानकारी खबरों में प्रकाशन नहीं हुई और अगर आवेदनकर्ता कोई दूसरा है तो क्या कार्यवाही होगी वह दिलचस्प होगी,अब देखने वाली बात यह होगी कि पूरे वाक्यांश का दृश्य किस तरह से आगे आएगा खबर अभी बाकी है वह अगले अंक पर जनपद पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी,जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी तथा जिलाधीश से बयान लेकर खबर पुनः प्रकाशन की जाएगी...
 
( समाचार  राघवेन्द्र सिंह )
 
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