205 लाख करोड़ के कर्ज के बाद...... ओ हो तो आज है सुशासन दिवस
Sunday, 24 Dec 2023 18:00 pm
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बिलासपुर, 25 दिसंबर 2023।
सर्वप्रथम आदरणीय श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेई जी को हमारी श्रद्धांजलि। अच्छा हुआ वे लोकतांत्रिक परंपराओं के पराभव काल (अमृत काल) प्रारंभ होने के पहले। दुनिया से विदा हो गए अन्यथा उनके निजी जीवन और खाने का प्रेम जो उसे समय चर्चा का विषय नहीं बना जिस पर कोई टीका टिप्पणी नहीं की गई अब बच ना पते। बिलासपुर शहर मे बिलासपुर शहर से उनकी कई याद शेष हैं। उनमें से एक स्थान छत्तीसगढ़ भवन भी है। यहां के कमरा नंबर एक में वे तब आए थे जब एनडीए की सरकार का वे नेतृत्व कर रहे थे और प्रधानमंत्री के पद पर विराजमान थे। आज 25 दिसंबर के दिन पूरे छत्तीसगढ़ में विष्णु देव साय मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सुशासन दिवस मनाया जा रहा है। पर छत्तीसगढ़ भवन का कमरा नंबर एक आदरणीय वाजपेई जी की स्मृति के साथ खाली पड़ा है। यहां पर उनका एक अदद चित्र भी नहीं लगा है। इसी कमरे में उन्होंने रेलवे जोन आंदोलन से संबंधित एक पुस्तक का विमोचन भी किया था। पर आज पुस्तक का विमोचन करने वाले भी यहां नहीं आए। आएंगे भी कैसे वे इन दोनों एक और बड़े लक्ष्य हवाई संघर्ष समिति में व्यस्त हैं। शायद जब सफल होंगे तब उसे संघर्ष विमोचन की पुस्तक का भी प्रधानमंत्री से विमोचन कराया जाएगा फिर लौटते हैं सुशासन की दो तस्वीर पर, श्रद्धांजलि के इस लेख के साथ इन दो तस्वीरों का क्या वास्ता पर है। प्रथम तस्वीर में एक पुरुष लाभार्थी श्रीकांत वर्मा मार्ग पर कपड़ों की चिंदियों के ऊपर ठंड में सोता दिखाई दिया। और दूसरी फोटो बस स्टैंड क्षेत्र की है जिसमें एक वृद्ध महिला ठंड में दोपहर में सो रही है। सरकार की तमाम कल्याणकारी योजनाओं के बाद यदि यह हालत है तो मानना पड़ेगा की भारत में केवल दो जात है एक अमीरों की और दूसरी गरीबों की..... गरीबों की जो करोड़ों में है को लाभार्थी कहा जाता है और उन्हीं के वोट से 10 कॉर्पोरेट की सरकार बनती है जिनके लिए एक अकेला सब प्रभारी 205 लाख करोड़ का कर्ज देश के सर पर धर देता है और लाभार्थी और लाभार्थियों की सात पूछते उसे कर्ज को चुकाएगी।