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24hnbc 3 दिसंबर के पक्षाघात के बाद उठ ही नहीं पा रहा कांग्रेस जिला संगठन
Saturday, 16 Dec 2023 18:00 pm
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बिलासपुर, 17 दिसंबर 2023।
3 दिसंबर जैसे-जैसे बिलासपुर कोनी में ईवीएम खुल रही थी वैसे-वैसे जिले के कांग्रेस संगठन की ईट दर ईट टूट रही थी। और शाम होते-होते संगठन रूपी यह पूरा भवन धर धरा कर धारा पर आ गया। कब से आज तक इस संगठन के स्वाभिमानी पदाधिकारी की हिम्मत ही नहीं हो रही कि हार के विषय पर समीक्षा बुला ली जाए। हो सकता है की समीक्षा बैठक ना बुलाए जाने के पीछे निगम की राजनीति एक कारण हो, पर बैठक तो बुलानी ही होगी। ग्रामीण संगठन के एक पदाधिकारी टाकेश्वर पाटले ने समीक्षा बैठक बुलाये जाने का पुरजोर समर्थन किया है। संगठन स्तर पर वे ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष के नजदीकी बताए जाते हैं। गौरतलब है कि मस्तूरी ब्लाक में मस्तूरी विधानसभा से कांग्रेस जीती है। एक तरफ एससी मतदाता कांग्रेस से नाराज थे पर मस्तूरी में एससी मतदाताओं ने पार्टी को खूब समर्थन दिया जहां तक की सूर्यवंशी और सतनाम के बीच विभाजन का भाजपाई दवा भी नहीं चला बिलासपुर में जिला ग्रामीण अध्यक्ष विजय केसरवानी स्वयं चुनाव हार गए यहां यह याद रखना चाहिए कि बेमेतरा विधानसभा सीट पर टिकट बिकी है। किसने खरीदी, किसने बेची, डील कहां हुई, 4 करोड़ कौन ले गया, किसके साथ ले गया कि कहानी कांग्रेस खेमे के बड़े चेहरे ने मोबाइल पर गा गा कर बताया और मोबाइल का यह वार्तालाप कांग्रेस एक निष्कासित नेता ने पत्रकार वार्ता में वायरल किया था। तब से जिला कांग्रेस ग्रामीण अध्यक्ष तो एक समय बड़े मीडिया प्रेमी थे। अब मीडिया से दूरी बनाकर रहते हैं। कहा जाता है कि जिले की ऐसी कोई सीट नहीं थी जहां पर भीतरघात, खुलाघात का खेल न चला हो, रायपुर से तो चुनाव के समय ही निष्कासन कारण बताओ के नोट जारी हो रहे थे।
 खैर 3 दिसंबर के बाद कांग्रेस के किसी बड़े नेता का बिलासपुर आना भी नहीं हो रहा है। जो प्रत्याशी रायपुर जाकर, दिल्ली जाकर अपना दुखड़ा बता आये होंगे उनके अलावा कार्यकर्ता स्तर पर किसी की सुनी नहीं जा रही है। पर यह पीठ दिखाना कब तक चलेगा हम हारे हैं निराश नहीं हुए हैं लोकसभा के लिए फिर तैयार हो रहे हैं। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज का यह बयान केवल दिखावटी तो नहीं है। यह बात कुछ ही दिन में स्पष्ट हो जाएगी आखिर उन्हीं के नेतृत्व में प्रदेश कांग्रेस को लोकसभा चुनाव में उतरना है। इसलिए बिलासपुर जिले में बिलासपुर लोकसभा में हार की समीक्षा बेहद जरूरी है। समीक्षा के बाद ही निर्णय लिया जा सकेगा की भीतरघातियों का पार्टी क्या करें। समीक्षा बैठक तो बुलानी ही होगी और जिम्मेदार पदाधिकारी को हटाना ही होगा क्योंकि नैतिकता के आधार पर यहां कोई पद नहीं छोड़ता।