24hnbc शाह नहीं आए, बिलासपुर में भाजपा की हालत पतली का संकेत
Thursday, 16 Nov 2023 00:00 am
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बिलासपुर, 16 नवंबर 2023।
कुनकुरी और रायगढ़ में तय होंगे छत्तीसगढ़ राज्य के सीएम और डिप्टी सीएम फिर ऐसा क्या हो गया कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह अमर अग्रवाल भाजपा प्रत्याशी बिलासपुर के लिए 15 तारीख के रोड शो में नहीं आए। वर्ष 2023 के तीन राज्यों के विधानसभा चुनाव छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, राजस्थान में भाजपा अपना दूल्हा सीएम घोषित किए बगैर चुनाव मैदान में उतरी। केंद्र के मंत्री प्रभारी राजस्थान से, सह प्रभारी बिहार से, मीडिया प्रभारी उत्तर प्रदेश से पूरे संसाधन झोंक गए और नगद रुपए की तो बात ही ना करें। नवरात्रि के दुर्गा पंडाल से जो रुपए का हवन शुरू हुआ अभी तक जारी है और उम्मीद है कि कल 4:30 बजे तक रहेगा।
देश के चुनाव आयोग का स्थाई पता बदल गया है उसका रिमोट परिधान मंत्री के दफ्तर में रखा बताया जाता है। कहां जाता है कि केंद्रीय गृहमंत्री पार्टी की आंतरिक बैठकों में छत्तीसगढ़ के बारे में रहते हैं मैं तो छत्तीसगढ़ में सरकार बन रहा हूं आप कहां हैं। इससे लगता है उन्हें छत्तीसगढ़ के नेताओं पर भरोसा नहीं है 3 दिसंबर को ईवीएम डाटा उगलेगी और किसके कितने विधायक चुने गए इसके पहले ही अमित शाह ने बता दिया कुनकुरी से चुनाव लड़ रहे विष्णु देव साय और रायगढ़ से चुनाव लड़ रहे ओपी चौधरी क्रमशः छत्तीसगढ़ के दो बड़े आदमी होंगे।
शाह अपने भाषणों में जो भी नागरिक होते हैं उनसे कहते हैं आप उन्हें विधायक बना दें बड़ा आदमी मैं बना दूंगा। अर्थात जनता पर थोड़ा काम शौपा पर जा रहा है । अन्यथा कुछ स्थानों पर तो भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व मतदाता का घोर अपमान करता है विधायक चुनाव हारे हुए को भी सीएम बना देता है। मूल मुद्दा है शाह बिलासपुर क्यों नहीं आए......?
भैया के समर्थक यह कहते नहीं थकते की देश का प्रधानमंत्री बिलासपुर के भाजपा नेता अमर अग्रवाल को जानता है। जब वे गुजरात के मुख्यमंत्री थे तब भी जानते थे हमारी जानकारी रहती है कि 2001 में छत्तीसगढ़ के नेता प्रतिपक्ष चयन के लिए जो बैठक हुई उसमें पर्यवेक्षक के रूप में आए श्री मोदी ने भाजपा का जो हाल एकात्मक परिसर में देखा था उसके बहुत वर्ष पूर्व में बिलासपुर आए थे और हटरी चौक उसे समय के दिग्गज नेता से मिलने गए, बताते हैं कि तब भी मामला ब्राह्मण नेता और सेठ के बीच का ही था। प्रश्न फिर वही है की इतने ख्याति नाम प्रत्याशी के रोड शो के लिए शाह क्यों नहीं आए। केंद्रीय गृह मंत्री हैं प्रत्याशी के पल-पल की, हार जीत की, उच नीच की जानकारी जांच एजेंसियों ने उपलब्ध करा दी होगी। सकारात्मक होता तो अंतिम आहुति के लिए आने में क्या दिक्कत कहते हैं बड़े नेता जीत का श्रेय लेने आ सकते हैं पर हर का टिकरा अपने सर पर फूटे इसके लिए कभी तैयार नहीं होते।