24hnbc सहजता विरुद्ध सुनियोजित प्रचार
Wednesday, 01 Nov 2023 18:00 pm
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बिलासपुर, 2 नवंबर 2023।
बिलासपुर विधानसभा क्षेत्र में मुख्य प्रतिद्वंद्वी शैलेश पांडे और अमर अग्रवाल की बात करें तो कांग्रेस सूची की देरी के बावजूद अधिकृत नाम घोषणा के बाद शैलेश पांडे ने अपना चुनाव प्रचार बेहद सहजता से शुरू किया और निरंतर मेहनत से उन्होंने भाजपा के अमर अग्रवाल ने जो दिखावटी बढ़त बनाई थी उसे वास्तव में पीछे छोड़ दिया है। दोनों नेताओं के प्रचार के बीच शैलेश पांडे जहां सहज तरीके से चुनाव प्रचार कर रहे हैं। भाजपा के अमर अग्रवाल सुनियोजित प्रचार कर रहे हैं। यहां तक की दोनों की बॉडी लैंग्वेज भी इसी बात को दिखती है। मतदाता सहज और बनावटी के बीच अंतर को शीघ्र पकड़ लेता है। यह विशेषता ईश्वर प्रदत्त तरीके से महिलाओं को मिली हुई है, और चुनाव के हार जीत भी महिला मतदाताओं से ही तय होने वाली है। सब्सिडी वाला गैस सिलेंडर, आत्मानंद स्कूल, सस्ती दवा, मोहल्ले में स्वास्थ्य परीक्षण शहर के निम्न मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए संजीवनी का काम कर रहे हैं। दूसरी ओर ब्रांडिंग का चुनाव प्रचार है, भारतीय जनता पार्टी में पूर्व की अपेक्षा चुनाव प्रचार में स्वतंत्रता समाप्त हो गई है। प्रत्याशी और कार्यकर्ता के पास अपना कुछ कहने, बताने और करने को कुछ नहीं है। दिल्ली से मोदी जी की तस्वीर और बाहरी मतदाता मॉडल वाला बैनर आया है स्थानीय प्रत्याशी की फोटो मात्रा लगाने का स्पेस है नारा भी ऊपर से तय है। पूरा चुनाव मोदी के ब्रांड पर लड़ा जा रहा है भारत के बाजार में कुछ भी बचा जा सकता है यहां तक की ₹15 की पानी बोतल से कैंसर के इलाज का दावा करके उसे ढाई हजार रुपए में बेचा जा सकता है पर जिस दिन कैंसर ठीक नहीं होता ढाई हजार वाली बोतल 15 तो छोड़िए वास्तविक कीमत 8 में भी नहीं बिकती, ब्रांड मोदी का कुछ यही हाल है। पहले पार्षद का चुनाव, विधायक का चुनाव, संसद का चुनाव बढ़ते क्रम में ब्रांड मोदी ने जिताया अब जब यह ब्रांड अदानी के साथ बाजार से निपटा रहा है डॉलर की कीमत आज 83 रुपया 32 पैसे है और अपने लोगों की ही जासूसी से लेकर हर तरीके के भ्रष्टाचार में लिफ्ट दिखाई दे रहा है तब मन की बात मोहल्ले में जबरदस्ती नहीं सुनाई जा सकती। दूसरी ओर कांग्रेस के प्रत्याशी शैलेश पांडे का चुनाव प्रचार है प्रचार में विविधता है मोहल्ले के अनुसार उनकी बातें बदलता है बात करने का अंदाज भी बदलता है एक ही चीज प्रत्याशी के साथ स्थाई है सहजता और मतदाता की बात को सुनना अभी मतदान में लगभग 15 दिन है ऐसे में गांव पेज चलेंगे और भाजपा के तरकश से विभाजनकारी तीर बरसेंगे। देखने लायक होगा जनता इन्हें किस रूप में लेती है।