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45 में संघ के 2 हीरो 23 में भाजपा के 2 जीरो 45 में कांग्रेस के 10 नेता रावण थे और भाजपा के लिए राहुल ही बन गए शक्ति केंद्र
Wednesday, 11 Oct 2023 18:00 pm
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बिलासपुर, 12 अक्टूबर 2023।
भाजपा की विचारधारा पोषक आरएसएस स्वतंत्रता के पूर्व भी कांग्रेस को रावण के रूप में चित्रित करती रही है, यही तो जहर फैलाने वाला उसका वास्तविक रूप है। 1945 में एक मराठी पत्रिका के एक कैरीकेचर को देखे कांग्रेस के 10 सर दिखाए गए हैं। इनमें एमके गांधी, जवाहरलाल नेहरू, सुभाष चंद्र बोस, मौलाना अबुल कलाम आजाद, सी राज गोपाला चार्य के रूप में 10 सर दिखाई दे रहे हैं और हिंदुत्व का प्रतीक बनकर मीडी सावरकर और एसपी मुखर्जी उसे तीर मारते दिखाई दे रहे हैं। और ज्यादा समझे तो कांग्रेस के 10 शीर्ष नेता रावण और हिंदुत्व की ओर से युद्ध करने वाले दो राम और लक्ष्मण और इसे ऐसे समझे भारतीय जनता पार्टी के द्वारा राहुल गांधी को हाल ही में रावण के रूप में चित्रित करते हुए भाजपा के आईटी सेल ने 10 सर वाले राहुल गांधी के पोस्ट को जारी किया।
भारत खतरे में है, हिंदुत्व खतरे में है, भाजपा देश के भीतर किसी अन्य नेता को इस तरह से चित्रित क्यों नहीं करती। विपक्षी नेताओं का नाम याद करें मल्लिकार्जुन खड़गे, भूपेश बघेल, अशोक गहलोत, नीतीश कुमार, ममता बनर्जी, अरविंद केजरीवाल और इन सबको छोड़कर राहुल गांधी ही क्यों.....
एक साथ कोई व्यक्ति पप्पू और रावण कैसे हो सकता है। कोई कहेगा भारतीय जनता पार्टी मानसिक रूप से दिवालिया है पर ऐसा नहीं है। जातीय गणना का पिटारा जिस दिन से राहुल गांधी ने खोला भाजपा के नजर में वह रावण बन गए। याद करें मंडल का हीरो वीपी सिंह के लिए भाजपा के नेताओं में इसी तरह का विष भरा था। वे उन्हें ऐसा नेता बताते थे जो भारत को तोड़कर रख देगा। असल में भाजपा जाति की राजनीति तो करती है पर वह साथ में हिंदुत्व की ठेकेदार भी बनी रहती है, बने रहना चाहती है। जैसे ही जाति गणना की बात आती है उसका वोट बैंक दरकने लगता है। और यही से ऐसा कोई भी व्यक्ति जो स्वयं ओबीसी नहीं है, एससी नहीं हैं यदि जातिगत गणना की बात करता है तो वह हिंदुत्व के लिए खतरा है। खड़गे को रावण नहीं कहा जा सकता भाजपा ऐसा करेगी तो वह एससी विरोधी कहलाएगी। गहलोत, बघेल, ममता किसी को भी टारगेट करें उसका ओबीसी चरित्र बाहर आ जाएगा। इसलिए राहुल पसंदीदा टारगेट है पर कोई व्यक्ति एक साथ पप्पू और रावण नहीं हो सकता।
 असल में पप्पू का कैरेक्टर सबसे पहले निर्वाचन आयोग ने बनाया जो युवा वोट नहीं करता उसे पप्पू कहा और इस पप्पू को भाजपा ने लपक लिया। एक पप्पू भाजपा के लिए रावण हो गया रावण भारत का दुश्मन, धर्म का दुश्मन, राम का दुश्मन, हिंदुत्व का दुश्मन जिसे भाजपा उपहास का पात्र बताती थी वह शक्ति का केंद्र बन गया। भाजपा के नेता तो दिन-रात रामायण, हनुमान चालीसा, गीता की बात करते नहीं थकते सुंदर कांड में हनुमान जी ने ही रावण की वह व्याख्या की है जो उन्होंने अपने मुख से राम को बताई। उसे भाजपा के नेता पढ़ ले उसके बाद समझे कि रावण कैसा था। जब राहुल गांधी ने भारत जोड़ो यात्रा कर डाली तब देश में एक ऐसा वोट बैंक तैयार हो रहा है। जो राज्य में किसी क्षेत्रीय दल को वोट दे दे पर जब लोकसभा की बारी आएगी तो वह कांग्रेस की ओर वोट कर देगा और यही आहट भाजपा में बेचैनी पैदा कर रही है।
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान उदाहरण है राज्य में कांग्रेस और केंद्र में भाजपा यदि नया बोर्ड बैंक बन गया और क्षेत्रीय दल वाले वोट लोकसभा में कांग्रेस के खेमे में चले गए तो भाजपा के लिए परेशानी हो जाएगी। इस कारण यह राहुल में रावण देखने लगी है। एक लाइन तो यह भी है जिसकी जैसी नियत होती है वह दूसरों में वैसी ही मूरत देखा है। और भाजपा का सीरत, मूरत, चाल चरित्र, चेहरा उसके जन्मकाल से ही दोहरा है।