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24hnbc विज्ञापन की राजनीति और राजनीति में इस कला के महारथी
Sunday, 24 Sep 2023 18:00 pm
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बिलासपुर, 25 सितंबर 2023।
              छत्तीसगढ़ में पहली बार कांग्रेस की सरकार बनने के पीछे अमेठी के सांसद राहुल गांधी की बड़ी भूमिका थी और इस बार 2023-24 में यदि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार पुनः बनती है तो वायनाड के सांसद राहुल गांधी की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। पर अभी हम बिलासपुर जिले में उनके दौरे की चर्चा नहीं कर रहे हैं उनके दौरे के कारण आज बिलासपुर से प्रकाशित विभिन्न दैनिक समाचार पत्रों में कांग्रेस नेताओं के जो विज्ञापन आए हैं उन्हें समझने का प्रयत्न करते हैं ।
दो विज्ञापन जो महत्वपूर्ण है पहले पर्यटन मंडल के अध्यक्ष का विज्ञापन जिसमें उन्होंने स्वयं को 2018 के लोकसभा चुनाव का पूर्व प्रत्याशी बताया है। और दूसरा बिलासपुर नगर पालिका निगम के महापौर का विज्ञापन। प्रथम विज्ञापन के मुख्य चेहरे पर्यटन मंडल के अध्यक्ष की बात करें अभी विधानसभा चुनाव की तैयारी चल रही है। कांग्रेस ने पिछले चुनाव के भाती ही प्रत्याशी बनने को इच्छुक सदस्यों से आवेदन पत्र बुलवाए बिलासपुर जिले से ही सेकंडों आवेदन पत्र गए एक विधानसभा क्षेत्र बेलतरा ने तो अकेले ही शतक जमा दिया। इन आवेदन पत्रों में पर्यटन मंडल के अध्यक्ष का भी आवेदन पत्र है। बताया जाता है कि उन्होंने स्वयं को एक विधानसभा से अधिक के लिए आवेदित कर रखा है। पिछले विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने टिकट मांगा था न मिलने पर उनके समर्थकों ने कांग्रेस भवन के बाहर प्रत्याशी घोषणा के तुरंत पश्चात धरना प्रदर्शन भी किया था और स्वयं को पार्टी का अनुशासित कार्यकर्ता बताते हुए कुछ ही घंटे में धरना प्रदर्शन समाप्त भी कर दिया था। उसके बाद छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनी और लोकसभा चुनाव आ गए। बिलासपुर से पार्टी ने अटल श्रीवास्तव जी को अपना प्रत्याशी बनाया बिलासपुर लोकसभा संसदीय क्षेत्र दो जिलों के बीच बैठा हुआ है। इसमें कुछ विधानसभा क्षेत्र बिलासपुर के और कुछ मुंगेली के शामिल हैं। 
राज्य में कांग्रेस की सरकार थी ऐसा माना जाता है कि राज्य भर में कांग्रेस के किसी भी प्रत्याशी को चुनाव लड़ने में कोई समस्या नहीं हुई होगी चुनाव के कुछ ही दिन पूर्व कांग्रेस ने बंपर बहुमत के साथ सरकार बनाई थी नेताओं के हौसले बुलंद थे, अतः प्रत्याशियों के हौसले भी बुलंद थे पर जैसा परिणाम पूरे प्रदेश में आया वैसा बिलासपुर में भी आया और बिलासपुर में कांग्रेस का प्रत्याशी बुरी तरह हारा केवल मस्तूरी विधानसभा क्षेत्र छोड़ उन्हें कहीं भी जीत प्राप्त नहीं हुई । तब से आज यह पहला अवसर है कि कांग्रेस के इस पूर्व प्रत्याशी ने स्वयं को 2018-19 के लोकसभा प्रत्याशी के रूप में दोबारा प्रस्तुत किया हो इसके क्या मायने हैं, क्या उन्होंने विधानसभा चुनाव में टिकट की उम्मीद छोड़ दी है और फिर से लोकसभा चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है, या वे स्वयं को उन दावेदारों की सूची में रखते हैं जो लोकसभा चुनाव हारे हैं हारने के बाद संगठन में बड़ा पद पाये हैं और इस बार फिर से विधानसभा चुनाव की दावेदारी कर रहे हैं।
बिलासपुर जिले में एक ऐसे ही नेता मस्तूरी से टिकट के दावेदार प्रेमचंद जायसी हैं जो पूर्व में जांजगीर लोकसभा चुनाव हारे हैं। प्रदेश कांग्रेस में उपाध्यक्ष हैं और मस्तूरी से टिकट का दावा कर रहे हैं। 
दूसरा विज्ञापन नगर पालिका निगम बिलासपुर के महापौर रामशरण यादव जी का है। उन्होंने दो विज्ञापन जारी किए हैं एक में प्रदेश के मुख्यमंत्री, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और विभागीय मंत्री के साथ राहुल गांधी का फोटो है नीचे उनका स्वयं का फोटो है। दूसरे विज्ञापन में उनकी फोटो के साथ छत्तीसगढ़ मंत्रिमंडल के सदस्यों का फोटो है, पर्यटन मंडल अध्यक्ष का फोटो है, प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष और प्रभारी का फोटो है साथ में जिला पंचायत अध्यक्ष, सहकारी केंद्रीय बैंक के अध्यक्ष और निगम सभापति का फोटो है। इन दोनों विज्ञापनों में उनके एमआईसी के किसी भी सदस्य का फोटो नहीं है। जिनके फोटो हैं उनमें से कोई भी उनकी एमआईसी का सदस्य 
 नहीं है, क्या महापौर के साथ उनकी एमआईसी जिसमें कांग्रेस के ही पार्षद हैं अपने नेता राहुल गांधी का स्वागत करने को आतुर नहीं है। इसे ही तो विज्ञापन की राजनीति कहते हैं बिलासपुर महापौर भी विधानसभा चुनाव में दो विधानसभा क्षेत्र से दावेदारी कर रहे हैं। 
राहुल गांधी बिलासपुर निगम क्षेत्र को जो कुछ देने वाले हैं क्या उसका शुक्रिया एमआईसी बिलासपुर नगर पालिका निगम द्वारा शुक्रिया नहीं किया जाता। कांग्रेस में विज्ञापन की राजनीति और राजनीति का विज्ञापन पुराना खेल है, शायद बिलासपुर विधायक इस खेल को समझ गए हैं इसी कारण उन्होंने स्वयं को इस खेल से दूर रख लिया है।