24hnbc शतरंज का ग्रैंडमास्टर भी फेल है, कांग्रेस के इन पदाधिकारी के सामने
Monday, 04 Sep 2023 18:00 pm
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बिलासपुर, 5 सितंबर 2023।
एक तरफ प्रदेश कांग्रेस के बड़े नेता अपने हाई कमान के निर्देशों पर आपसी मतभेद भूल कर चुनाव समर में उतरने के लिए एक-एक कदम फूक फूक कर रख रहे हैं। रायपुर में विधानसभा प्रत्याशी चुनने के लिए जो बैठक हो रही है, उसमें यह बात खुलकर पता चल रही है कि कुछ जिला अध्यक्ष अपने स्तर पर प्रत्याशी सूची बनाने में गुटबाजी को प्राथमिकता दे रहे हैं। और अपनी मित्र मंडली के अतिरिक्त यदि किसी का नाम आगे बढ़ा रहे हैं तो उसके पीछे उद्देश्य केवल यही है कि वरिष्ठ नेताओं के बीच खुलकर मतभेद हो जाएगा। बिलासपुर का संगठन और उसका नेतृत्व इसी तरह की किले पार्टी में ठोक रहा है।
जिले की एससी आरक्षित सीट से ब्लॉक स्तर पर पांच नाम भेजे बताए जाते हैं। जिसमें दो महिला नेत्री, एक पूर्व विधायक का भाई और एक जिला पंचायत सदस्य के साथ एक नाम पूर्व छाया विधायक का बताया जाता है। जब यह सूची जिला स्तर से आगे बढ़ाई गए तो बताया जाता है कि इसमें से दो नाम काट दिए गए हैं। कांटे गए नाम में से एक नाम कांग्रेस पार्टी के एक बड़े नेता जो केंद्र में मंत्री भी रह चुके हैं के समर्थक का है। और दूसरा नाम कभी भाजपा छोड़ कांग्रेस में शामिल हुए विधायक के भाई का है।
राजनीतिक सूत्रों ने यह भी बताया कि जिले की जिस सीट से दावेदारों के आवेदन शतक के करीब है, वहां से केवल दो नाम ऊपर भेजे गए हैं सामान्य श्रेणी की इस सीट से एक नाम ओबीसी वर्ग का है और दूसरा नाम युवा ब्राह्मण आवेदक का है। यहां भी कूटनीति स्पष्ट दिखाई देती है ओबीसी आवेदक प्रदेश के मुखिया की पसंद है और वरिष्ठ नेताओं को उलझने के लिए दूसरा नाम जिला पंचायत के ब्राह्मण सदस्य का है जो सार्वजनिक रूप से ऐसे नेता का समर्थक माना जाता है जिन्हें हाल ही में पार्टी के केंद्रीय चुनाव समिति में स्थान दिया गया है। एससी आरक्षित विधानसभा सीट की विशेषता यह है कि इस ब्लॉक में बफ बोर्ड की 1200 एकड़ भूमि इन दोनों हॉट केक बन गई है। किसी प्रभावशाली के कितने डंपर किस खदान में लगेंगे को लेकर पूरा सिंडिकेट कम कर रहा है। लिहाजा इस आरक्षित सीट पर धन संपत्ति भरपूर है।