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24hnbc किस दावेदार की मटकी में मक्खन, और किसे पीना पड़ेगा सब्र का घूंट
Monday, 04 Sep 2023 00:00 am
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बिलासपुर, 4 सितंबर 2023।
 बिलासपुर जिले की विधानसभा सीट को लेकर कुछ दिलचस्पी इस बार पिछली बार से हटकर है। पहली महिला कैंडिडेट कहां से होंगी। कांग्रेस से एक महिला प्रत्याशी होगी दो या तीन होंगी। यदि पूर्ववत ठाकुर, ब्राह्मण और महिला समीकरण को देखते हुए टिकट दिया गया तब तखतपुर सीट पर कांग्रेस को दिक्कत हो सकती है हाल ही में एक दैनिक अखबार के ऐप पर चुनावी सर्वे के नतीजे बताते हैं कि यदि सीट पर कांग्रेस ने प्रत्याशी नहीं बदला तो पति-पत्नी मिलकर भी एक अन्य दावेदार पर भारी नहीं पड़ते। कहा जा रहा है कि इस बार जिले से एक नहीं कांग्रेस दो महिला प्रत्याशी को मौका देगी। एक ओबीसी वर्ग से और दूसरा एससी वर्ग से। एससी वर्ग की प्रत्याशी को शक्ति से सक्ति मिल रही है। दूसरी और बिलासपुर से सटी हुई सामान्य वर्ग की सीट पर ओबीसी कैंडिडेट ही भरोसे की पसंद है। ऐसे में 2018 की जीती हुई महिला प्रत्याशी की टिकट पर खतरा डबल हो गया है। वैसे भी छत्तीसगढ़ के भरोसे को ओबीसी विशेष कर कुर्मी प्रत्याशियों पर विश्वास ज्यादा है और बिलासपुर जिले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जो संवैधानिक पद पर भी बैठे हैं ने कांग्रेस के सम्मेलनों में ही अपने समर्थकों को विश्वास दिलाया कि वे अपने गृह जिलों को अनदेखा नहीं होने देंगे। परिणाम सामने हैं इस बार कांग्रेस में जोगी नहीं होने के बावजूद टिकट वितरण इतना आसान नहीं है। सरगुजा नरेश भले ही बिलासपुर जिले के टिकट वितरण में रुचि ना दिखाएं पर महंत को अनदेखा कर बिलासपुर जिले में टिकट वितरण नहीं किया जा सकता। महिला प्रत्याशी की दृष्टि से भाजपा भी बिलासपुर में पशोपेश में है। हारी हुई महिला नेत्री को फिर से टिकट का दाव महंगा पड़ सकता है। इस बार भारतीय जनता पार्टी की राजनीति में एक समय के दिग्गज बीजेपी नेता जो कभी टिकट बांटते थे इस बार उन्हें अपनी ही टिकट के लाले पढ़ने दिखाई दे रहे हैं। जब आका की टिकट ही पक्की नहीं है तो भक्तों का क्या कहना लिहाजा बिलासपुर जिले के दो भाजपा प्रत्याशी नए आका की तलाश में है और राजस्थान से गुजरात, दिल्ली के संपर्क टटोले जा रहे हैं। जिन्होंने कभी आर एस एस की जमीन पर हाफ पैंट पहने हुए फोटो खिंचवाई थी अपने एल्बम से निकाल कर केशव कुंज जा रहे हैं। उन्हें पता है अब यूपी के राजनाथ कम नहीं आएंगे, कहा जाता है कि कुछ जीती हुई सीट पर भी पार्टी को हार का खतरा है। ऐसे में प्रजेंट विधायक का टिकट खतरे में है। इधर 5 तारीख से मटकी फूटेगी चैन की बंसी बाजेगी उधर टिकट के दावेदारों के बीच किसकी मटकी में मक्खन आएगा कुछ की यूं ही फूट जाएगी और चैन की बंसी तो किसी को नसीब नहीं होगी।