24hnbc बिलासपुर का पत्रकार जगत उलझा भूमि घोटाले में आरोप प्रत्यारोप का बाजार गर्म
Sunday, 30 Jul 2023 18:00 pm
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बिलासपुर, 31 जुलाई 2023। बिलासपुर में भूमि घोटालों पर रोज समाचार प्रकाशित होते हैं और पत्रकार उन्हें बखूबी जनहित में सामने लाते हैं पर इन दिनों बिलासपुर के पत्रकार ही भूमि घोटाले के शिकार हो गए हैं, और रोज प्रेस क्लब या अन्य जहां भी 4 पत्रकार एकत्र होते हैं उनकी चर्चा का विषय बिलासपुर प्रेस क्लब गृह निर्माण सहकारी समिति में हुआ भूमि घोटाला ही चर्चा का विषय होता है। बिलासपुर के पत्रकारों को पहली बार अविभाजित मध्यप्रदेश के समय नगर पालिक निगम बिलासपुर ने मकान बनाने के लिए भूमि दी, यह जमीन वर्तमान स्वर्ण जयंती नगर के पीछे पत्रकार कॉलोनी के रूप में पहचानी जाती है। उस समय प्रेस क्लब की सदस्य संख्या कितनी थी उससे लगभग आधे सदस्यों को ही प्लाट मिल पाया। साथ ही समय-समय पर बिलासपुर विकास प्राधिकरण की विभिन्न योजनाओं में कुछ पत्रकारों को भूमि और कुछ को आवास प्राप्त हुआ। वर्ष 2006 में प्रेस क्लब चुनाव के समय समिति का चुनाव कैसे जीता जाए के फार्मूले के तहत एक सहकारी समिति का निर्माण हुआ तब सोच राज्य शासन से सस्ती दर पर भूमि मांगी जाएगी और प्रेस क्लब के सदस्यों को आवंटित की जाएगी। गृह निर्माण सहकारी समिति बनाने वालों के दिमाग में तब भी यह छुपी हुई सोच थी कि जमीन की लालच में पत्रकार साथी गृह निर्माण सहकारी समिति के पदाधिकारियों को ही प्रेस क्लब का चुनाव भी जीताते रहेंगे और यह सही भी हुआ ऐसा नहीं है कि भारतीय जनता पार्टी शासन काल में गृह निर्माण सहकारी समिति को भूमि नहीं मिली भूमि मिली और यह जमीन बहतराई क्षेत्र में अशोकनगर के आगे स्थित है। 2006 में बिलासपुर प्रेस क्लब की सदस्य संख्या लगभग 200 थी। निष्पक्ष सोच तो यही होती की इनमें से जिन सदस्यों को स्वर्ण जयंती नगर के पीछे भूमि आवंटन हो चुकी थी उन्हें हटाते हुए शेष सदस्यों को गृह निर्माण सहकारी समिति सरकार से प्राप्त जमीन बांट देती पर ऐसा नहीं हुआ। अचानक प्रेस क्लब की सदस्यता में हेरा फेरी शुरू हो गई और सदस्यों की संख्या बढ़ने लगी जमीन की आस में ऐसे कई सदस्य बन गए या बना दिए गए जिनका पत्रकारिता से कोई लेना-देना नहीं था और गृह निर्माण सहकारी समिति का चुनाव साथ में प्रेस क्लब का चुनाव इस तरह सदस्यों को बढ़ाते हुए होने लगा कि जमीन समाप्त हो गई। वर्तमान में प्रेस क्लब सदस्य की संख्या 425 को लांघ चुकी है। इस बीच गृह निर्माण सहकारी समिति के खिलाफ कई बार शिकायतें हुई और वर्तमान में गृह निर्माण सहकारी समिति पर प्राधिकृत अधिकारी बैठा हुआ है प्रकरण माननीय उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़ में लंबित है और सहकारी समिति के चुनाव पर रोक लगी है। यहां दूसरी ओर बिलासपुर प्रेस क्लब के कार्यकारिणी का कार्यकाल जुलाई में समाप्त हो गया जुलाई माह में दो बार सामान्य सामान्य सभा बुलाई गई दोनों बात नए चुनाव से ज्यादा महत्व पत्रकारों के लिए भूमि और उसका आवंटन चर्चा का विषय रहा। 2006 से लेकर आज तारीख तक कोई यह नहीं जानता कि गृह निर्माण सहकारी समिति को छत्तीसगढ़ राज्य सरकार ने कुल कितनी जमीन आवंटित की उसमें से रोड, नाली, गार्डन, ईडब्ल्यूएस को छोड़कर बची हुई जमीन कितने पत्रकारों के बीच किस मूल्य पर आवंटित की गई। गौरतलब है कि चर्चा में यह भी बात आती है कि कुछ सदस्यों ने आपसी समझौते के तहत अपनी जमीन किसी अन्य सदस्य को अधिक पैसा लेकर तबादला कर दी पर सब पारदर्शिता की सीख देने वाले और प्रश्नों से सब को परेशान कर देने वाले पत्रकारों के बीच अब भूमि घोटाला एक बड़ा विषय बन गया है।