जिले के प्रभारी मंत्री जहां से चले वही पुनः वापस विधानसभा चुनाव के पूर्व फिर से आया 15 अगस्त, क्या इस बार मौका मिलेगा शहर विधायक को.....
Thursday, 27 Jul 2023 18:00 pm
24 HNBC News
24hnbc.com
बिलासपुर, 28 जुलाई 2023। 2018 में जब छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के परिणाम आए भाजपा को जनता ने बेदर्दी पूर्वक नकार दिया। बिलासपुर विधानसभा में भी बदलाव की महक चली और नया चेहरा शैलेश पांडे ने बिलासपुर विधानसभा सीट पर जीत हासिल की, तभी से दो प्रश्न लगातार बिलासपुर के नागरिकों के मन में आते रहते हैं। पहला बिलासपुर पुलिस ग्राउंड में 15 अगस्त, 26 जनवरी के दिन शैलेश जी को ध्वजारोहण की जिम्मेदारी कब मिलेगी। आज यह प्रश्न फिर से प्रासंगिक है क्योंकि 15 अगस्त नजदीक है विधानसभा चुनाव के पूर्व यह अंतिम मौका है जब मुख्यमंत्री चाहे तो शहर के विधायक को यह सम्मान प्रदान करें। और शहर की जनता की बहू प्रतीक्षित इच्छा पूरी हो, दूसरा चुनाव में जाने के पूर्व एक बार फिर से जिले का प्रभारी मंत्री बदल गया जहां से पहुंचे थे वहीं आ गए। सत्ता में आने के बाद मुख्यमंत्री ने बिलासपुर जिले का प्रभार गृहमत्री, पीडब्ल्यूडी विभाग रखने वाले ताम्रध्वज साहू को दिया था तब उन्होंने अपनी पहली समीक्षा बैठक में काफी कड़े तेवर दिखाए थे पर कुछ महीने बाद उनकी छुट्टी हो गई थी वरिष्ठ बुजुर्ग कैबिनेट मंत्री रविंद्र चौबे जी को प्रभारी मंत्री बनाया गया फिर एक बार परिवर्तन हुआ और कोरबा जिले के विधायक राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल को बिलासपुर का प्रभार मिला पूरे कार्यकाल में तीन बार प्रभारी मंत्री बदले, और चौथी बार फिर से पहले को प्रभार दे दिया गया। याद करें एक भी ऐसा प्रभारी मंत्री जिसने बिलासपुर जिले में मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना और कांग्रेस के घोषणा पत्र पर गंभीरता से ऐसा काम किया कि छाप दिखाई दे।
सिंचाई मंत्री रविंद्र चौबे जी जब प्रभारी मंत्री बने तब बड़ी उम्मीद थी कि बिलासपुर जिले के ठंडी पड़ी सिंचाई योजनाओं पर कुछ खास काम होगा पर ऐसा नहीं हुआ। राजस्व विभाग के मंत्री को जिले का प्रभार मिला तो सबसे अधिक बंटाधार राजस्व विभाग का ही रहा। जिस दिन राजस्व मंत्री को बिलासपुर जिले का प्रभारी मंत्री बनाया गया था हमने उसी दिन समस्या का अंत या प्रारंभ शीर्षक से समाचार लगाया था और हमारी आशंका सच साबित हुई।
विधानसभा चुनाव पूर्व एक बार फिर से प्रभारी मंत्री बदल दिया गया इसे कामकाज में तेजी कहें या महज दिखावटी निर्णय.....।