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24hnbc महमंद हरेली मंच से निकला बड़ा राजनीतिक संकेत, महंत की नई टीम आई नजर
Wednesday, 19 Jul 2023 18:00 pm
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बिलासपुर, 20 जुलाई 2023। हरेली के दिन बिलासपुर जिले में यूं तो छोटे बड़े कई कार्यक्रम हुए दो कार्यक्रमों से राजनीतिक संकेत भी निकले पहला कार्यक्रम मस्तूरी ब्लाक अंतर्गत महमंद ग्राम पंचायत में आयोजित था जिसमें छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष चरणदास महंत और गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष श्यामसुंदर दास ने शिरकत की। दूसरा कार्यक्रम बिलासपुर शहर में आयोजित हुआ जिसमें संसदीय सचिव विकास उपाध्याय शामिल हुए इन दोनों कार्यक्रमों में पहला कार्यक्रम महमंद ग्राम पंचायत के राजनैतिक संकेत जिले की राजनीति में चरणदास महंत के दोबारा सक्रिय होने की सीधी लकीर खींच लेता है। अविभाजित मध्यप्रदेश के वक्त चरणदास महंत गृहमंत्री थे और उनकी राजनैतिक पकड़ के पीछे मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का हाथ था लिहाजा महंत की तूती बोलती थी और महंत समर्थकों का आत्मविश्वास देखते ही बनता था। छत्तीसगढ़ बना मुख्यमंत्री का पद एपी जोगी को मिला तब श्री महंत सांसद थे लिहाजा कांग्रेस ने उनका गूट कमजोर पड़ गया। 2003 में कांग्रेस सत्ता के बाहर हो गई 15 साल विपक्ष में रही उसी बीच एक बार महंत जी को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष बनने का मौका मिला पर तब कांग्रेस में जोगी की ज्यादा चल रही थी। इसलिए महंत के पसंद को दर किनारा किया गया फिर भी जोगी जी संबंधों को विशेष महत्व देते थे इसी कारण जांजगीर, कोरबा की राजनीति में उन्होंने महंत की और महंत जी ने जोगी की पर्याप्त मदद की क्योंकि कोरबा संसदीय क्षेत्र के हिस्से में मरवाही विधानसभा तानाखार ऐसा क्षेत्र रहा जहां पर जोगी का वर्चस्व रहा और एक बार महंत जी और इस बात उनकी धर्मपत्नी ज्योत्सना महंत कोरबा से सांसद हैं। वर्ष 2018 के चुनाव में टी एस सिंह देव, महंत और भूपेश बघेल को त्रिपला का नाम दिया गया। उस वक्त के कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने छत्तीसगढ़ में चार नेताओं को ही प्राथमिकता दी इनके अलावा एक नाम जो उस समय सांसद थे ताम्रध्वज साहू के बीच सामंजस्य से ही मुख्यमंत्री चुना गया और उसी समय विधानसभा अध्यक्ष और गृहमंत्री का विभाग भी तय हो चुका था। संवैधानिक पद पर बैठने के बाद कुछ दिन महंत जी ने सक्रिय राजनीति से थोड़ी दूरी बनाई पर अब जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहा है महंत जी ने उस थ्योरी को झूठा सिद्ध करना शुरू किया जिसके तहत माना जाता था कि सक्ति नया जिला बन जाने से उनकी राजनीति सीमित हो जाएगी। इसी साल जब बिलासपुर मे कांग्रेस का संभागीय पदाधिकारी सम्मेलन और बाद में कार्यकर्ता सम्मेलन हुआ तो महंत ने खुलकर बता दिया कि वे बिलासपुर संभाग में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएंगे। इस बार महंत जी की टीम में पिछली बार से कुछ परिवर्तन दिखाई दे रहे हैं पहला परिवर्तन आशीष सिंह के संदर्भ में हैं और दूसरा जिला कांग्रेस ग्रामीण अध्यक्ष विजय केसरवानी के संदर्भ में दोनों महंत गूट के पुराने कार्यकर्ता हैं पर जैसे-जैसे समय-समय पर जोगी और बाद में भूपेश बघेल के पास समीकरण सीमटे इन्होंने भी अपने सूत्र बदलें। इस बार महंत जी ने बिलासपुर में अपना आशीर्वाद ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष नागेंद्र राय पर किया है। हरेली त्यौहार के पूर्व भी राय परिवार में हुए मांगलिक कार्यक्रमों में उन्होंने पर्याप्त समय दिया इतना ही नहीं कोरबा विधायक और राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल भी राय परिवार के साथ निकटता रखते हैं। कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम को भी इस नेता में विशेष गुण नजर आता था हालांकि मस्तूरी कांग्रेस के लिए हारी हुई सीट है, आरक्षित है और नागेंद्र राय सवर्ण है लिहाजा टिकट के दावेदार नहीं हो सकते इसलिए प्रतिनिधियों को उस लिहाज से संकट नजर नहीं आता पर इस बार उनकी भागीदारी चुनाव में बेहद महत्वपूर्ण होने वाली है और यही कारण है कि मस्तूरी के तमाम दावेदार नागेंद्र राय से मित्रवत संबंध रखना चाहते हैं।