24hnbc सनातन धर्म को असली खतरा किससे....
Monday, 10 Jul 2023 18:00 pm
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बिलासपुर, 11 जुलाई 2023। मध्य प्रदेश जिला रायसेन, थाना सलामतपुर, ग्राम पिपलिया चांद 10 तारीख दिन सोमवार को भीड़ ने अमजद के मकान को गिरा दिया। अमजद के खिलाफ 3 दिन पूर्व ही छेड़खानी का आरोप लगा था पुलिस ने सक्षम धारा में कार्यवाही की पर स्थानीय संगठन अमजद के मकान को तोड़ने के पीछे पड़े थे और एसडीएम को उन्होंने ज्ञापन भी दिया लिहाजा क्षेत्र की पुलिस घर पर सुरक्षा के लिए तैनात थी पुलिस ने ऐतिहासिक घर में रहने वाले परिवार को सुरक्षित स्थान पर भेज दिया था। संगठनों ने भीड़ एकत्र कर अमजद का मकान तोड़ दिया। इन दिनों देश के कई स्थानों पर कानून का दूसरा रूप जेसीबी मशीन पर दिखाई दे रहा है। कुछ स्थानों पर स्थानीय शासन पहले एफआईआर दर्ज करता है फिर न्याय बताते हुए आरोपित का मकान तोड़ देता है पूछे जाने पर गिराए हुए हिस्से को अतिक्रमण बता देता है। अब आम जनता संगठित गिरोह बनकर स्वयं यह तय करने लगी है कि किस का मकान गिरा दिया जाए। भारत के संविधान में आश्चर्य को जीवन के अधिकार के तहत माना गया है ऐसे में किसी के आश्रय स्तर को गिरा देना मौलिक अधिकारों का हनन हो रहा है। वह दिन दूर नहीं कि लोकलुभावन राजनीति के चक्कर में आईपीसी की बहुत सी धाराओं में संशोधन होगा और सजा मकान गिराना तय कर दी जाएगी। कल्पना करें छोटे अपराध में एक कमरा गिराया जाएगा उससे बड़े अपराध में ड्राइंग रूम गिरा दिया जाएगा थोड़ा और संगीन धारा होगी अजमानती होगी तो ड्राइंग रूम के साथ शयन कक्ष और किचन भी गिरा दिया जाएगा। लोकलुभावन राजनीति असल में मक्कार राजनीति का स्वरूप है और समाज को पतन के गर्त में ढकेल रहा है।
सनातन धर्म को किसी अन्य धर्म से खतरा नहीं है उसे हानि कथित गुरुओं से है ये वो गुरु हैं जिन्होंने अपनी व्याख्या करके अपने पंथ बना लिए हैं और उसे ही धर्म कहकर प्रचार कर रहे हैं। यह काम स्वतंत्रता के पूर्व से हो रहा है उदाहरण के तौर पर जिन्हें आज प्रजापिता ब्रह्मकुमारी कहा जाता है का उदय कराची से हुआ लेखराज नाम के व्यक्ति ने स्वयं के शरीर में अवतरण की बात कहते हुए अन्य से समर्पण मांगा। साप्ताहिक प्रवचनों में उन्होंने कई बार कहा दुनिया को वैश्यालय से शिवालय में बदल देंगे। 1968 में उन्होंने कहा 1976 में प्रलय होगी पर नहीं हुई 69 में ही लेखराज की मृत्यु हो गई तब से इस पंथ ने दो और बात प्रलय की डेट निश्चित की पर नहीं हो रहा है इसी से समझा जा सकता है कि यह पंथ कितने तार्किक है इसी संप्रदाय में एक व्यक्ति वीरेंद्र देव दीक्षित ने स्वयं को कृष्ण का अवतार बताया और आलिंगन से ज्ञान का सिद्धांत प्रतिपादित किया हमारी जानकारी बड़ी स्पष्ट है पृथ्वी पर पहले प्रभु श्री राम आए और कृष्ण का अवतार बाद में आया जबकि प्रजापिता ब्रम्हाकुमारी के अनुसार कृष्ण पहले अवतरित हुए और प्रभु राम बाद में पर पंथ के अंदर संदेह वर्जित है अतः साधक मौन रह जाता है जबकि हमारे आदर्श विवेकानंद ने अपने गुरु रामकृष्ण के समक्ष इतने संदेह व्यक्त किए इतने करके रखें पर रामकृष्ण ने कभी भी अंधश्रद्धा करने शिष्य पर दबाव नहीं बनाया उल्टे विवेकानंद के हर प्रश्न का उत्तर दिया पर इन दिनों किसी भी पंथ में तर्क सर्वथा वर्जित है प्रजापिता ब्रम्हाकुमारी के सिंगरौली, भोपाल आश्रम में दैहिक शोषण के आरोप लगे सबसे बड़ा आरोप तो वीरेंद्र देव दीक्षित के दिल्ली आश्रम पर लगा दीक्षित पर दिल्ली आश्रम के पहले ही तीन बार बलात्कार के आरोप लग चुके थे 2017 में जब माननीय दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने छापा मारा तो 160 महिलाएं बंधक मिली तब से आज तक वीरेंद्र देव दीक्षित फरार हैं और उनके खिलाफ इंटरपोल तक ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी कर रखा है। अब कुछ और संत को याद कर ले जो बलात्कार और हत्या के मामलों में सरकारी मेहमान हैं उसके बाद याद करें कथित आश्रम में चलने वाला व्यभिचार खबरों से गायब कैसे हो गया और किस राजनीति के तहत लव- जिहाद खबरों में टीआरपी बढ़ाने लगा। प्रजापिता परिवार की एक अन्य लड़ाई मुरली धुन वर्सेस नगाड़ा भी बड़ी प्रसिद्ध है देवेंद्र दीक्षित पर कानपुर, कोलकाता, फर्रुखाबाद के थानों में भी संगीन धाराओं के तहत एफ आई आर दर्ज हुआ कहीं हत्या तो कहीं बालात्कार दीक्षित जी इनसे कम तो कुछ करते ही नहीं थे।