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24hnbc छत्तीसगढ़ विधानसभा का चुनाव इस बार सबके लिए बिलासपुर है केंद्र बिंदु
Tuesday, 27 Jun 2023 18:00 pm
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बिलासपुर, 28 जून 2023। बिलासपुर जिला 2023 के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए ग्राउंड जीरो बनने वाला है। ऐसा हम इस आधार पर कह रहे हैं कि जून के पूरे माह कांग्रेस, भाजपा और आप की मेहनत बिलासपुर जिले में खूब रही, और अब इसका अंत 30 तारीख को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और 1 दिन बाद 2 जुलाई को आप पार्टी के दो मुख्यमंत्री केजरीवाल और भगवंत मान की जनसभाओं से होगा। इसी माह में कांग्रेस के दिग्गज बिलासपुर में ही संभाग स्तरीय सम्मेलन करके गए हैं ऐसे में इस बात को कहने में कोई शक नहीं कि बिलासपुर विधानसभा चुनाव का केंद्र बिंदु बनने जा रहा है। इसके पीछे एक कारण और है भाजपा को पता है कि उसके 15 साल के शासन में हमेशा क्षेत्र की जनता भाजपा को समर्थन करने वाली रही और 2018 के विपरीत अवसर में भी बिलासपुर जिले में भाजपा का साथ नहीं छोड़ा इसी चुनाव में कांग्रेस के वोट काटने का काम जेसीसीजे और बसपा ने किया। पिछले चुनाव में जेसीसीजे और बसपा भौतिक रूप से भाजपा की बी टीम थे और उसकी भूमिका को निभाने का काम अब आप पार्टी कर रही है। जिले में मानसून का आगमन हो चुका है और किसान खेतों की ओर चल पड़े हैं ऐसे में भाजपा के नेता राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को दिखाने के लिए एक लाख की भीड़ कहां से लाएंगे। जबकि उन्हें भाजपा लाभार्थी भी नहीं बोल सकती फिर दो तारीख को सभा के लिए आप पार्टी भी एक लाख श्रोता लेकर आएगी ऐसा दावा कर रही है और उसके कार्यकर्ता तथा पदाधिकारी घर घर जाकर न्योता बांट रहे हैं कि केजरी मान को सुनने आइए परिवर्तन लाइए आप के कुछ नेता मैदान में सक्रिय हैं तो कुछ व्हाट्सएप पर सक्रिय हैं ऐसा नहीं है कि आप पार्टी में सब कुछ अनुशासन के दायरे में हैं पुराने पदाधिकारी और नए पदाधिकारी के कार्यकर्ता आपस में भिड़े थे भी नजर आ रहे हैं। 
कार्यकर्ता को लगता है कि उसका नेता मेट्रो कल्चर नहीं जानता इसलिए आपकी पुरानी ब्रिगेड उसके नेता को पीछे धकेल देती है क्योंकि चुनाव में कुछ माहमाह ही शेष है इसलिए नेता के साथ टिकट का दावा भी जोड़ रहा है। डॉक्टर, वकील, सर्वहारा वाला के साथ वामपंथी, मिठाईवाला, नमकीन वाला, बर्फ वाला सबको टिकट की आस है इसलिए सुबह 6:00 बजे से देर रात तक व्हाट्सएप पर खूब ज्ञान बिखेरा जाता है और फिर सुबह से दोबारा व्हाट्सएप पर सुप्रभात के साथ झाड़ू चलना चालू हो जाती है। 
केजरीवाल और भगवंत सिंह मान को लेकर आम जनता के बीच कोई जिज्ञासा नहीं है 2011 से 2014 के बीच और उसके बाद दिल्ली सरकार के लगातार प्रवचन, आंदोलन, नाटक, नौटंकी सब चीजों को जनता ने खूब देखा है। उसने अब किसी की भी कोई रुचि नहीं है फिर स्थानीय बोली भी आड़े आती है केजरी हो या मान छत्तीसगढ़ी में गोठिया नहीं सकते...... अब बात 30 तारीख वाला जेपी नड्डा की उसके पहले दुर्ग में देश के गृह मंत्री अमित शाह मोदी और राहुल के बीच मुकाबला करा कर गए हैं इस मुकाबले में पूरे देश में परिधान मंत्री की भद्द पिटवा दी। जिसे 1 साल पहले तक भाजपा का कार्यकर्ता पप्पू कहता था उसे ही केंद्रीय मंत्री ने बाबा कहकर स्वयं ही फर्स्ट डिवीजन पास कर दिया। पहले शहजादा फिर पप्पू और अब बाबा रही सही कसर जनता ने पूरी कर दी सोशल मीडिया पर गोदी मीडिया के अतिरिक्त राहुल पास मोदी फेल के आंकड़ों को खूब परोसा गया आप जेपी नड्डा बिलासपुर आ रहे हैं वैसे भी हिमाचल प्रदेश का गृह राज्य हारने कर्नाटक में पीटने के बाद भी नड्डा जी का आत्मविश्वास इस समय मोदी जी के एक प्रश्न और देश में क्या चल रहा है नड्डा जी के बाद हिलोरे मार रहा है उन्हें पता है कि भाजपा 3 माह बाद होने वाले 4 चुनाव छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, राजस्थान और तेलंगाना उन्हीं के नेतृत्व में लड़ने जा रही है। ऐसे में भले ही छत्तीसगढ़ में भाजपा के पास पुराने सब थकेले चेहरों के बीच कोई ऊर्जावान नया चेहरा नहीं पर नड्डा जी को स्वयं पर मोदी जी पर और अमित शाह जी पर अर्थात अपनी चुनाव मशीन पर पूरा भरोसा है और बेमिसाल 9 साल के साथ वह भूपेश का भरोसा और छत्तीसगढ़ में चल रही राहुल की मोहब्बत की दुकान को बिगाड़ने अपनी पूरी हठधर्मिता के साथ आ रहे हैं। जिसमें साम, दाम, दंड, भेद सबकुछ शामिल है।