24 HNBC News
24hnbc बिलासपुर संभाग में डगर कठिन है कांग्रेस की.....
Friday, 23 Jun 2023 18:00 pm
24 HNBC News

24 HNBC News

24hnbc.com
बिलासपुर समाचार, 24 जून 2023। चुनाव जीते या हारे कांग्रेस के नेताओं को कभी भी यह ख्याल नहीं आता कि अपने संगठन को मजबूत करो, यहां तक की भवन भी मजबूत नहीं कर सकते इसका उदाहरण बिलासपुर जिला कांग्रेस कमेटी का भवन है। इसकी हालत देखकर अंदाज़ लगता है कि संभाग मुख्यालय पर पार्टी भवन की जो हालत है तब संगठन की स्थिति संभाग में कैसी होगी। 
2018 के चुनाव में भाजपा ने बड़ा निराशाजनक प्रदर्शन किया उन्हें मात्र 15 स्थानों पर जीत मिली पर यह प्रदर्शन बिलासपुर संभव में बढ़िया था क्योंकि भाजपा के 15 जीती हुई सीट में से 7 बिलासपुर संभाग में थी। हिसाब किताब कर ले बिलासपुर संभाग में कुल 24 सीट हैं 7 सीट मुंगेली, रामपुर, बिल्हा, मस्तूरी, बेलतरा, जांजगीर चांपा, अकलतरा भाजपा की है। जेसीसीजे के पास कोटा व लोरमी है। बसपा के पास जयजयपुर, पामगढ़ है। और कांग्रेस के पास बिलासपुर, तखतपुर, मरवाही, रायगढ़, सारंगढ़, धरमजयगढ़, लैलूंगा, कोरबा, कटघोरा, पाली, तानाखार, चंद्रपुर, सक्ति, खरसिया विधानसभा सीट है। कांग्रेस और भाजपा जब अपनी सीट बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है तो कांग्रेस के मुकाबले भाजपा की स्थिति बेहतर है। कोरबा को छोड़कर भाजपा निश्चित रूप से बेहतर स्थिति में है बिलासपुर की बात करें कांग्रेस का संगठन ग्रामीण और शहद दोनों स्तर पर बिखरा हुआ है। जब से ग्रामीण कांग्रेस की कमान विजय केसरवानी के हाथ है किसी भी चुनाव में सफलता हाथ नहीं लगी। कांग्रेस की प्रचंड लहर में भी केवल बिलासपुर और तखतपुर वह भी प्रत्याशी की मेहनत से जीता लोकसभा चुनाव में मस्तूरी छोड़ सब में पटखनी खाई। जिला पंचायत चुनाव प्रत्याशी गैर दलीय आधार पर लड़ते हैं जीतते हैं तो पार्टी उसका श्रेय नहीं ले सकती इस बार चुनाव में जाने के पूर्व भी संगठन का चेहरा बदला नहीं गया जिसका नुकसान कांग्रेश उठाएगी। सक्ति, जांजगीर-चांपा में भी कांग्रेस के पदाधिकारी बुरी तरह गुटीय राजनीति में फंसे हैं। रायगढ़ में बीजेपी के ओपी चौधरी के सामने कांग्रेस के नेता ठीक नहीं पाते, खरसिया के विधायक उमेश पटेल कैबिनेट मंत्री हैं उनके पिता अविभाजित मध्यप्रदेश के वक्त से पार्टी के बड़े चेहरे बन गए थे। पर उनके मुकाबले पुत्र प्रदेश स्तरीय छोड़िए संभाग स्तरीय नेता भी नहीं बन पाए जबकि उन्हें बड़ा पोर्टफोलियो मिला है। संभाग की राजनीति में कांग्रेश के पास चरण दास महंत के अतिरिक्त कोई चेहरा नहीं है यदि सत्ता ना हो तो कांग्रेस के इन नेताओं को सुनने मतदाता आएगा ही नहीं छत्तीसगढ़ के कांग्रेसी नेताओं में किसी के पास भी अजीत जोगी के समान जनता से सीधा संवाद करने की स्थिति नहीं है। ऐसे में कांग्रेस को अपने स्टार प्रचारक भाई-बहन की जोड़ी पर हद से ज्यादा निर्भर होना पड़ेगा।