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24hnbc प्रियदर्शनी बैंक घोटाला और बिलासपुर की राजनीति
Wednesday, 21 Jun 2023 18:00 pm
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बिलासपुर, 22 जून 2023 । एक और प्रियदर्शनी बैंक घोटाला जांच दोबारा चालू होने पर बिलासपुर विधानसभा के विधायक रहे राज्य के कैबिनेट मंत्री अमर अग्रवाल के लिए परेशानी बढ़ सकती है तो यदि बिलासपुर के जिला सहकारी बैंक में 10 सालों के घोटाले की जांच हो जाए तो अविभाजित बिलासपुर अर्थात मुंगेली, कोरबा, जांजगीर जिलों के कई विधानसभा का राजनीतिक समीकरण गड़बड़ा जाएगा। कल प्रियदर्शनी बैंक के जिस घोटाले पर दोबारा जांच प्रारंभ हुई है में 2007 में उमेश सिन्हा का नारको टेस्ट सीजेएम के आदेश पर हुआ उस समय यह घोटाला 54 करोड का बताया जाता है। बैंक में कुल 22000 खातेदार थे, प्रबंधक सिन्हा के नारको टेस्ट की सीडी कभी न्यायालय में जमा ही नहीं की गई उसमें मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह, रामविचार नेताम कैबिनेट मंत्री, राजेश मूरत कैबिनेट मंत्री, अमर अग्रवाल बिलासपुर कैबिनेट मंत्री को 1-1 करोड़ और रायपुर के दिग्गज नेता बृजमोहन अग्रवाल को दो करोड़ देना बताया जाता है। आज की बाजार कीमत के अनुसार यह पैसा 4 गुना बड़ा माना जाता है। ऐसे में ईमानदारी की कसमें खाने वाले भाजपा नेताओं को आरोप तिलमिला देने वाले हैं। कांग्रेस इसे राजनीतिक मुद्दा बनाने से पीछे नहीं हटने वाली कल ही कांग्रेस के मीडिया सेल ने प्रियदर्शिनी बैंक घोटाले पर काफी कुछ कहा है। बिलासपुर के जिला सहकारी बैंक जिसमें भाजपा शासन काल के समय उस समय के गृहमंत्री ननकीराम कंवर और मुख्यमंत्री रमन सिंह के खास देवेंद्र पांडे बतौर अध्यक्ष बैठे थे। के ऊपर गोदाम निर्माण, केसीसी घोटाला, भर्ती घोटाला, पदोन्नति घोटाला, ट्रांसफर घोटाला, निलंबन बहाली घोटाला, अवकाश स्वीकृत घोटाला, कंप्यूटर क्रय घोटाला, तौल मशीन क्रय घोटाला, एक से अधिक स्थानों पर निजी दफ्तर खोलकर फर्नीचर करें करना घोटाला जैसे दर्जनों आरोप लगाए गए यहां तक की लघु बचत के नाम पर कई खातेदारों के जमा पैसे बगैर उनकी जानकारी के निकाल लिए गए के बावजूद देवेंद्र पांडे पर कभी कोई आंच नहीं आई अब तो यह भी जाहिर हो गया है कि कई संपत्तियों के बंटवारे को लेकर ननकीराम कंवर और देवेंद्र पांडे के बीच कानूनी विवाद और थाने में एफ आई आर हो गई है फिर भी बैंक घोटालों में इतने बड़े फ्रॉड की जांच नहीं होती। प्रियदर्शनी बैंक घोटाला आदेश के बाद लोगों को उम्मीद बंधी है कि विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लगने के पहले बिलासपु विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लगने के पहले बिलासपुर के जिला सहकारी बैंक में हुए घोटालों की भी जांच हो सकती है यदि ऐसा हुआ तो अविभाजित बिलासपुर जिले की दर्जनों विधानसभा सीट पर व्यापक असर होगा।