
जांजगीर-चांपा। नेशनल हाइवे 49 में पीथमपुर के पास हसदेव नदी में बन रहे हाईलेबल ब्रिज के अपूर्ण होने का ठीकरा भले ही कोरोना व लाकडाउन पर पᆬोड़ा जा सकता है लेकिन निर्धारित समय से यह तीन वर्ष पीछे चल रहा है। निर्माण कार्य के पूर्ण नहीं होने के लिए ठेकेदार व एनएच विभाग जिम्मेदार है। पिछले 9 माह से एक गर्डर भी इस हाईलेबल ब्रिज पर नहीं चढ़ाया गया है। वहीं पुल में 21 पाये बनना है लेकिन अभी तक केवल 7 पाये का ही निर्माण हो सका है। निर्माण कार्य में लेट लतीपᆬी की वजह कोरोना काल को भी माना जाता है तब भी विगत दो साल से बरती जा रही लापरवाही व लेटलतीफी एक बड़ी वजह है। वहीं पुल के निर्माण में अभी दो साल का समय और लग सकता है।जिले से गुजरने वाली फोर बाई टू लेन एनएच न केवल जिले वासी बल्कि समूचे छत्तीसगढ़ के लिए एक महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है। पीथमपुर हाईलेबल ब्रिज, पेण्ड्री नहर पुल, खोखरा - जांजगीर का कुछ हिस्सा व अकलतरा रेलवे ओह्वरब्रिज यदि पूर्ण हो जाये तो इस सड़क पर जिले के बार्डर में मसनिया पलगड़ा से राजधानी रायपुर तक अबाध रूप से आवागमन किया जा सकता है, लेकिन नये नेशनल हाईवे 49 को जोड़ने वाली सड़क के उपयोग में लंबा समय लग सकता है। पुल का कार्य अभी 40प्रतिशत भी पूर्ण नहीं हो पाया है और दूसरी ओर नेशनल हाईवे सड़क बनकर लगभग तैयार हो गया है।