24hnbc प्रदेश में बीजेपी ओबीसी प्रशासनिक क्षमता वाला कार्ड खेलेगी
Thursday, 02 Mar 2023 18:00 pm
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बिलासपुर, 3 मार्च 2023। छत्तीसगढ़ की राजनीति में भारतीय जनता पार्टी अभी तक ओबीसी गेम खेल जरूर रही है पर सीएम का चेहरा कौन होगा इस पर कोई स्पष्ट राय नहीं दिखती, पर दिल्ली से लेकर रायपुर, नागपुर से लेकर रायपुर, ईडी से लेकर ब्यूरोक्रेसी, उद्योगपति से लेकर चंदा उगाही तक जो तस्वीर धुंधली ही सही नजर आने लगी है उसके अनुसार ओबीसी वर्ग से कोई प्रशासनिक चेहरा सीएम पद का बड़ा दावेदार बनने जा रहा है। जब कभी भी किसी भी राज्य में चुनाव की आहट शुरू होती है तो परिणाम किस तरफ जाएगा इसकी झलक उद्योग और नौकरशाह इन दो क्षेत्रों को पहले लगती है ऐसा भी माना जाता है कि यह दो क्षेत्र जिस तरफ चल पड़ते हैं चुनाव का परिणाम उसी के अनुकूल हो जाता है। छत्तीसगढ़ में वर्ष 2003 का चुनाव और 2018 का चुनाव यह दो चुनाव ही मतदान पूर्व संकेत मिलना प्रारंभ हो गए थे कि परिणाम क्या आ रहा है। अन्य किसी भी चुनाव में परिणाम के लिए जानकारों को उत्सुकता नहीं हुई लोगों को राजनीति के जानकारों को पता था परिणाम क्या होगा। वर्ष 2018 के चुनाव में लेखक को भी अंदाज था भाजपा की विदाई हो रही है। पर इतनी लज्जा जनक विदाई होगी यह आश्चर्य जरूर हुआ। इस बार भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रभारी से हर पत्रकार वार्ता में यह पूछा जाता है दूल्हा कहां है पर वे इस प्रश्न के जवाब में केंद्रीय समिति के निर्णय पर चलने की बात कहते हैं। छत्तीसगढ़ में जब से ईडी ने सक्रियता दिखाएं दो बातें स्पष्ट हुई पहली ₹25 प्रति टन की कहानी वह भी दस्तावेज सहित, किसी और ने दिल्ली जाकर नहीं बताई बताने वाले उद्योगपति राज्य स्तर पर अपना पूरा दम लगाने और निराश होने के बाद दिल्ली गए थे। तो कांग्रेस से जो उद्योगपति नाराज हैं उसने अपने स्पष्ट नीति ऊपर बता दी, ईडी ने शेष काम किया। प्रशासनिक खेमे में छापामारी के बाद संदेश चला गया कौन कहां रहेगा जो हमारे साथ नहीं है वह कृष्ण जन्म स्थान पर रहेगा। इतने संदेश के बाद नौकरशाहों का एक खेमा तय कर चुका है कि उसे कहां रहना है। अच्छी पोस्टिंग राज्य सरकार का विषय है पर पदोन्नति और उज्जवल भविष्य तो केंद्र के हाथ है ऐसे में छत्तीसगढ़ की ब्यूरोक्रेसी के कुछ अधिकारी अपनी मानसिकता बना चुके है। सूत्र बताते हैं कि इस सीढ़ी को बनाने में छत्तीसगढ़ की औद्योगिक नगरी के एक सौम्य चेहरे वाले नेता ने दिल्ली तक मदद की कहते हैं कि इस सौम्य चेहरे का दिल्ली के गृह मंत्रालय में बड़ा सम्मान है। साथ ही यह भी इशारा हो गया है कि सरकार बनने पर प्रशासनिक क्षेत्र के दिग्गज को ही प्रदेश की कमान भी दे दी जाएगी वैसे भी केंद्र में बैठे नेताओं को प्रशासनिक क्षमता वाले नेतृत्व पर विशेष भरोसा है। वे तो ऐसा प्रयोग यूपी तक में करने वाले थे पर आरएसएस के चलते ऐसा हो नहीं पाया पर यह तो छत्तीसगढ़ है यहां जैसा साहेब और शाह चाहेंगे होगा।