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24hnbc वे अपने दोस्त का नाम ले लेते तो आज क्या होता
Tuesday, 07 Feb 2023 18:00 pm
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समाचार -
बिलासपुर, 8 फरवरी 2023। दुष्यंत को केवल सीईओ साहब नहीं पड़ते उसे अन्य ने भी पड़ा है शायरी कुछ इस तरह है। कहां तो तथा चिराग हर घर के लिए कहां चिराग मयस्सर नहीं पूरे शहर के लिए। आज भारतीय संसद की ओर पूरा विश्व देख रहा था ऐसा पिछले कुछ दिनों से सरकार के कर्णधार ही बता रहे हैं पर सदन में जिस तरह से नारे लगे लगा फ्री स्टाइल रिंग का स्टेडियम है और भाड़े के टट्टू जो दुर्भाग्य से माननीय सांसद है वे नारे लगा रहे हैं 2014 के बजट में गुजरात से महाराष्ट्र बुलेट ट्रेन का बजट बताया गया था पर कब शुरू हुई कितने लोग आना-जाना कर रहे हैं पता नहीं चलता लगता था आज जब निजी क्षेत्र के प्रधानमंत्री एक जन नायक के द्वारा उठाए गए प्रश्नों का जवाब देंगे तो वे भारत की प्रगति को बुलेट ट्रेन से ही शुरू करेंगे पर वे तो 80 करोड़ उन लोगों के पीछे दुबकने का प्रयास कर रहे थे जिन्हें 5 किलो राशन देखकर उलझा कर रखा गया है। उन्होंने कहा यह लोग मेरे रक्षा कवच है पता नहीं चलता कि 2 महंगे हवाई जहाज और महंगी कारों का काफिला क्यों खरीदा रक्षा कवच तो राशन कार्ड धारी हैं। 2018 से परीक्षा की तैयारी पर बहुत बात होती है 28 करोड़ खर्च हुआ है आज पता चला परीक्षा पत्र हल करने का फार्मूला प्रश्न कुछ भी हो किसी के भी हो जवाब वही लिखो जो तुम्हें आता हो गाय का निबंध याद रखने वाला छात्र जब लोकतंत्र पर निबंध लिखता है तो उसे सीईओ कहा जाता है। सत्ता और व्यापार जब बदल कर सत्ता का व्यापार और व्यापार की सत्ता हो जाए तो देश की प्रतिष्ठा गिरती है। ध्वज को लपेटकर चोर साधु नहीं हो जाता जनता के प्रश्न कुछ थे और जवाब में पीएम कांग्रेस का भ्रष्टाचार बता रहे थे जब राहुल गांधी ने अपनी बात रखी तब उन्होंने अपनी भारत जोड़ो यात्रा में जनता से जो कुछ प्रश्न सुने उन्हीं को वह सदन में रख रहे थे पर राष्ट्रपति का भाषण तो सरकार का एजेंडा था और सरकार का एजेंडा निजी क्षेत्र के प्रधानमंत्री का एजेंडा है प्रधानमंत्री ने अपने पूरे भाषण में एक बार भी उन 80 करोड़ को राशन की लाइन से बाहर लाने की बात नहीं की जिसे वे अपना रक्षा कवच बताते हैं वे बहस का जवाब देने खड़े थे और भाग रहे थे उन्होंने महंगाई कारपोरेट भ्रष्टाचार के जवाब नहीं दिए राज्यसभा में सभापति और लोकसभा में अध्यक्ष को ढाल बना कर असल प्रश्नों से बचा नहीं जा सकता भक्तों का क्या है उन्हें तो लिद में भी खुशबू आ जाएगी और आ भी रही है तभी तो पहले सूट बूट की चर्चा और आज जैकेट पर घंटों बेमतलब की बहस. .....