24hnbc हिमाचल की हार को गोदी मीडिया दिखाना नहीं चाहती
Sunday, 11 Dec 2022 18:00 pm
24 HNBC News
24hnbc.com
समाचार -
बिलासपुर, 12 दिसंबर 2022। दो राज्यों का चुनाव हुआ दोनों ही स्थान पर भाजपा थी एक जगह से जनता ने उन्हें सत्ता से बेदखल कर दिया। जहां से बेदखल हुए वहां की खबरों को इन दिनों गोदी मीडिया दिखाने से परहेज कर रहा है। दिखाता भी है तो जीती हुई पार्टी के अंतर्विरोध, हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की जीत को भाजपा छोटा करके दिखा रही है कहते हैं छोटी विधानसभा है गुजरात बड़ा राज्य है और हमने वहां पर ताबड़तोड़ जीत दर्ज की है। हिमाचल की जीत कांग्रेस के लिए जितनी बड़ी संजीविनी है उसे से ज्यादा भाजपा को नुकसान हुआ है भारतीय जनता पार्टी की नजरों से देखें तो उसके सवर्ण वोटर ब्राह्मण और ठाकुर ने उसे नकार दिया। हिंदू हिंदू, हिंदू राष्ट्र से काम नहीं चलेगा हिमाचल की हार के बाद आरएसएस और बीजेपी के अंतर्विरोध बढ़ेंगे। हिमाचल में पुरानी पेंशन स्कीम, नौकरी, सेब का बगीचा जैसे रोजमर्रा के ईशु डबल इंजन पर भारी पड़ गए । भाजपा को अन्य का परिवारवाद दिखता है पर अपना परिवारवाद उसे नुकसान पहुंचा रहा है अनुराग ठाकुर इसके बड़े उदाहरण हैं। आगे जाकर या परिवारवाद अन्य स्थानों पर भी नुकसान करेगा। गुजरात में बीजेपी की जीत के पीछे जिस व्यक्ति का हाथ है उसके बारे में जानना जरूरी है आरसी पटेल का राजनीतिक जीवन शुरू होने के पहले महाराष्ट्र गुजरात की बॉर्डर पर शराब की तस्करी से शुरू हुआ। वहां से बचे तो उन्होंने उन्होंने एक बैंक लोन का फ्रॉड कर डाला जब तक वे राजनीति में आते उन पर 100 से अधिक प्रकरण दर्ज हो चुके थे ऐसा व्यक्ति भाजपा को खूब भाता है। सांसद चुनाव में उतरने के बाद उन्होंने एक-एक करके अपने सभी प्रकरणों को निपटा दिया और यहीं से भाजपा के हाईकमान को उनकी योग्यता का उदाहरण मिल गया वे गुजरात प्रदेश में भाजपा के अध्यक्ष हैं। उनके चुनाव जीतने की नीति को अन्य पार्टी के अध्यक्षों को भी समझना चाहिए वे पन्ना प्रमुख नहीं बनाते वे बनाते हैं बुथ के ऊपर कमेटी और कमेटी में 7 से 8 सदस्य होते हैं एक एक सदस्य को अधिकतम 10 मतदाताओं को निकालकर बूथ तक लाने की जिम्मेदारी होती है। यही बूथ मैनेजमेंट का सबसे बड़ा तरीका है। भारतीय जनता पार्टी राजनीतिक दलों का जिस तरह इस्तेमाल करती है वह अब लोगों को समझ आ रहा है पहले शिवसेना को भाजपा की बी टीम माना जाता था आज शिवसेना की नेता ही जानते हैं कि बीजेपी तब तक फलने फूलने देती है जब तक वह सुरक्षित समझती है यह बात आप के नेताओं को समझना चाहिए। आप राजनीतिक दल कम भीड़ तंत्र ज्यादा समझ आ रहा है ऐसे में दिल्ली, दिल्ली के बाद पंजाब और गुजरात में भाजपा द्वारा किया गया आप का उपयोग के बदले दिल्ली नगर पालिक निगम का परिणाम केजरीवाल की आंखें खुले या ना खुले जनता की आंख खोल रहा है इसका परिणाम आप को छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, राजस्थान में बढ़ने से रोकेगा।