24hnbc छत्तीसगढ़ में क्यों असफल होती है केंद्रीय एजेंसियां
Monday, 21 Nov 2022 18:00 pm
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समाचार :-
बिलासपुर, 22 नवंबर 2022। धन्यवाद पुष्पेंद्र कुमार देवांगन को जिसने देश की श्रेष्ठ समझी जाने वाली केंद्रीय जांच एजेंसी आईटी की मेहनत को एक्सपोज़ कर दिया की आईटी किसी स्थान पर छापा मारने के पहले कितनी मेहनत करती है मामला हाल ही में जिला बने सक्ति का है । इसी महीने की 10-11 तारीख से इस शहर के कुछ धन्ना सेठों के यहां छापा पड़ा। जिनके यहां छापा पड़ रहा था वे अपनी दो नंबर की कमाई किसी अन्य स्थान पर रखते थे जब छापा पड़ा तो ये दो नंबर की कमाई जिसके यहां रखी थी उसने इस कमाई को अपने नौकरानी के घर पर रखवा दिया गया जहां पर सेंधमारी हो गई और पैसा बड़ी मात्रा में स्वर्ण वहां से चलता बना। कहते हैं कि लक्ष्मी चंचल होती है आईटी के चले जाने के बाद बड़ी रकम की खोज प्रारंभ हुई और पुलिस के घोषित सहयोग से इसे प्राप्त भी कर लिया गया सब कुछ ठीक-ठाक निपट जाता पर एक कारोबारी पुष्पेंद्र देवांगन ने पुलिस अधीक्षक सक्ति के पास शिकायत की, शिकायत में कारोबारी ने बाकायदा अरुण अग्रवाल, श्याम सुंदर अग्रवाल, अनिल अग्रवाल के नाम का उल्लेख किया करोड़ों रुपए कैश और सोने के जेवर रखने वाली नौकरानी सावित्री चौहान, टोबो चौहान के नाम आए और उसी के दामाद द्वारा सेंधमारी करके करोड़ों का कैश और जेवरात चोरी की बात भी आई। पुष्पेंद्र ने लिखित शिकायत में बताया कि अरुण अग्रवाल, अनिल अग्रवाल, आनंद अग्रवाल, श्याम सुंदर अग्रवाल कैसे श्रीनाथ रूई भंडार में घुस गए और जबरन सीसीटीवी फुटेज निकालने लगे और डिलीट करने को बोले। पुष्पेंद्र ने आरक्षक भागवत श्रीवास्तव पर यह भी आरोप लगाया कि वह जबरिया हार्ड डिस्क निकालने की कोशिश कर रहा था जन चर्चा है कि कुल 10 करोड़ के माल की तलाश बिना एफआईआर, बिना शिकायत की गई मोटी कमाई के लालच में तुरंत माल बरामद भी हो गया और प्राइवेट सेवा देने वालों को मेवा भी मिल गया। दबी जबान से मेवा डेढ़ करोड़ का बताया जाता है। अंदाज लगाया जा सकता है कि मेवा डेढ़ करोड़ का है तो मूल कितना रहा होगा इस संदर्भ में पुलिस अधीक्षक सक्ति ने श्रीमती गायत्री सिंह अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सक्ति को पुष्पेंद्र की शिकायत पर जांच अधिकारी नियुक्त किया है। जांच का परिणाम कुछ भी हो असल बात तो केंद्रीय जांच एजेंसियों के कार्यप्रणाली की है। इतनी लंबी रैकिं के बाद भी उन्हें यह क्यों नहीं पता चलता कि अवैध कमाई करने वालों ने अपना माल किसके पास छोड़ रखा है।