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24hnbc फर्जी दस्तावेज से कर रहे थे नौकरी 5 बर्खास्त, दर्जनों पर क्यों नहीं होती कार्यवाही
Saturday, 29 Oct 2022 00:00 am
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समाचार :-
कोरबा, 29 अक्टूबर 2022 । छत्तीसगढ़ में फर्जी तरीके से अनुसूचित जाति के दस्तावेज तैयार कर नौकरी करने वाले कोल कर्मियों को साउथ ईस्ट कोल्ड लिमिटेड प्रबंधन ने बर्खास्त कर दिया है। अनुसूचित जनजाति वर्ग की जमीन खरीद फर्जी तरीके से उनके गोद पुत्र बनकर कई सालों से एसईसीएल में नौकरी कर रहे 5 कोल कर्मियों को एसईसीएल बिश्रामपुर प्रबंधन ने जांच की कार्यवाही करते हुए बर्खास्त कर दिया है। दीपावली के दौरान इस कार्यवाही से एसईसीएल के उन कर्मचारियों में हड़कम्प है जिन्होंने इस तरह से दस्तावेज तैयार किये हैं।
25 सालों से कर रहें है नौकरी, अब हुए बर्खास्त
जिन 5 लोगों को अभी सेवा से बर्खास्त किया गया है वे सभी सन 1994-95 से कंपनी में नौकरी कर रहे थे। इस तरह आदिवासियों की जमीन खरीद कर फर्जी दस्तावेज तैयार करने वालों में रेहान खदान के शूट ऑपरेटर, राधेश्याम गायत्री खदान के इलेक्ट्रिकल ऑपरेटर राजाराम, इलेक्ट्रिकल ऑपरेटर श्रवण कुमार, कुमदा 7-8 खदान के पंप ऑपरेटर रामविलास, कुमदा के ही ब्लास्टिंग क्रूमैन विजेंद्र नाथ का नाम शामिल है।
इस तरह लंबित रहा मामला , यूनियनों का लिया सहारा
जानकारी के अनुसार दर्जन भर से अधिक ऐसे फर्जी नौकरी करने वालों की शिकायत कंपनी के समक्ष 14 साल पहले गोपनीय रूप से हुई थी। जिस पर कंपनी ने जांच की। इस जांच में मामला सही पाया जाने पर उन सभी कर्मचारियों पर कार्यवाही शुरु की गई। लेकिन कार्यवाही से बचने के लिए मामले को उच्च न्यायालय में चैलेंज किया गया। यहां भी हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद कर्मचारियों ने लोगों ने बीएमएस यूनियन के माध्यम से प्रकरण को रीजनल लेबर कमिश्नर के पास सुनवाई के लिए प्रस्तुत किया।
हाईकोर्ट ने दिया आदेश , कर्मचरियों में मचा हड़कंप
रिजनल लेबर कमिश्नर के पास मामला लंबे समय तक केस लंबित रहने के खिलाफ कोल वायसरी प्रबंधन ने उच्च न्यायालय का रुख किया। पिछले दिनों उच्च न्यायालय के आदेश के बाद प्रबंध ने 5 कर्मियों को कंपनी की सेवा से बर्खास्त करने का आदेश जारी कर दिया है। दीपावली से ठीक पहले क्षेत्रीय प्रबंधक द्वारा बर्खास्तगी आदेश जारी करने से हड़कंप मच गया है।
राज्य सरकार ने भी ऐसे लोगों पर कार्यवाही के दिये थे निर्देश
बता दें कि एसईसीएल बिश्रामपुर भटगांव क्षेत्र के ऐसे सैकड़ों मामले हैं। जिनमें कूट रचित दस्तावेजों के जरिए अनुसुचित जाति जनजाति वर्ग की जमीन सहित फर्जी तरीके से वसीयतनामा तैयार कर अथवा गोद पुत्र बनकर कंपनी में नौकरी कर रहे हैं कई बार ऐसे मामले में राज्य सरकार द्वारा जांच के आदेश देकर फर्जी लोगों को सेवा से बर्खास्त करने प्रबंधन को निर्देशित किया है। लेकिन एसईसीएल प्रबंधन यूनियन नेताओं के दबाव के चलते ऐसे मामलों में हाथ डालने से बचता रहा है।