24hnbc श्रद्धा की आड़ में शास्त्री जी की डकैती, परेशान है पसानवासी
Monday, 10 Oct 2022 18:00 pm
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बिलासपुर, 11 अक्टूबर 2022। कोरबा जिले का पसान क्षेत्र को शांति प्रिय नागरिकों का क्षेत्र माना जाता था किंतु इन दिनों इस क्षेत्र में हरी प्रसाद शास्त्री का आतंक है। पुराने मामलों को छोड़ दिया जाए तो इन दिनों शास्त्री जी एक हनुमान मंदिर का निर्माण कर रहे हैं और इसी हनुमान मंदिर के निर्माण के साथ उनका चंदा उद्योग क्षेत्र में डकैती का पर्याय बन गया है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक इस मंदिर के लिए जिसे समिति का नाम लिया जाता है उसका कहीं कोई पंजीयन नहीं हुआ है। और शास्त्री जी घूम घूम कर मंदिर निर्माण के लिए चंदा एकत्र कर रहे हैं चंदे के रूप में नगद के अतिरिक्त निर्माण सामग्री भी ली जा रही है पसान क्षेत्र के कई नागरिकों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि शास्त्री जी का चंदा कुछ सौ रुपया नहीं होता 10000 के नीचे तो उन्हें मंजूर ही नहीं है मांगे जाने पर किसी को रसीद नहीं देते यदि रसीद दे देते हैं तो लिए गए चंदे से काफी कम मात्रा की रसीद देते हैं और फिर वह रसीद गाने दाता के किसी काम की भी नहीं है क्योंकि मंदिर निर्माण समिति तो पंजीकृत ही नहीं है। लोग बताते हैं कि शास्त्री जी ने मंदिर निर्माण के नाम पर क्षेत्र में लाखों रुपए चंदा एकत्र कर लिए हैं इस संदर्भ में चर्चा करने पर पता चला कि शास्त्री जी इन दिनों सत्ताधारी दल के संगठन के पद पर होना बताकर अपनी गाड़ी में एक नाम पति का भी लगाए हैं जबकि क्षेत्र के कांग्रेस पदाधिकारियों ने बताया कि उनकी गैर जिम्मेदारी हरकतों से परेशान होकर उन्हें पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित करने का एक निवेदन पत्र भी पार्टी के बड़े पदाधिकारी को दिया गया था जिस पर निर्णय होना शेष है। हमारे पसान में रहने के दौरान पांडे उर्फ शास्त्री की गाड़ी क्षेत्र में नहीं थी इसलिए नाम पट्टिका लगी उस गाड़ी के दर्शन हमें नहीं हुए उनका बड़ा मकान जो कि अवैध तरीके से कब्जा की भूमि पर बना बताया जाता है जरूर दिखाई दिया। इसी मकान से लगा हुआ निर्माणाधीन मंदिर भी दिखाई दीया देखने से स्पष्ट हुआ कि मंदिर तो मूलतः बाजू में है पूरा चंदा मंदिर को बड़ा करने के लिए एकत्र किया गया इस मंदिर की धार्मिक गतिविधियों को लेकर आम नागरिकों ने कोई बड़ी बात नहीं बताई। दबी जबान में नागरिक शास्त्री जी के परिवार से खौफज़दा दिखाई दिए उन्होंने बताया कि पांडे जी के पास कई ऐसे आदिवासी हैं जो उनके इशारे पर उनके कहे अनुसार शिकायत भी दर्ज करा देते हैं और इसी से होने का क्षेत्र में आतंक है।