24hnbc निगम के महिला कामकाजी हॉस्टल में केंद्र के निर्देश की खुली अवहेलना, आयुक्त ने किसके इशारे पर खाए शबरी के बेर
Saturday, 17 Sep 2022 00:00 am
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समाचार - बिलासपुर
बिलासपुर, 17 सितंबर 2022। बिलासपुर नगर पालिक निगम अपने सीमा क्षेत्र में दो वर्किंग वुमन हॉस्टल संचालित करता है। दोनों को ही उसने संचालन के लिए एनजीओ को दे रखा है। लेकिन कभी भी कामकाजी महिलाओं के हॉस्टल संचालन के लिए रुचि की अभिव्यक्ति के तहत एनजीओ से आवेदन पत्र नहीं मंगाए गए इससे ऐसा प्रतीत होता है कि निगम का लक्ष्य अपने खास एनजीओ को लाभ पहुंचाना था। यदि ऐसा नहीं होता तो दोनों कामकाजी हॉस्टल के लिए रुचि की अभिव्यक्ति के तहत सक्षम एनजीओ से आवेदन पत्र बुलवाए जाते और उस एनजीओ को काम के लिए चुना जाता जो इस तरह के काम संचालन का ज्यादा अनुभव रखता है, पर ऐसा नहीं हुआ। निगम का बृहस्पति बाजार स्थित कामकाजी हॉस्टल केंद्र सरकार की योजना के अंतर्गत बनाया गया और इसके निर्माण में अधिकतम राशि केंद्र सरकार ने ही व्यय की निगम को संचालन मात्र करना था परंतु 17 दिसंबर 2020 में आयुक्त नगर पालिक निगम और श्रीमती सीमा पांडे सबरी महिला वेलफेयर सोसाइटी के मध्य इकरारनामा हुआ और उन्हें संचालन के लिए यह हॉस्टल दे दिया गया। शर्तों के मुताबिक हॉस्टल में प्रवेश लेने वाली महिला को अधिकतम ₹2500 संचालन कर्ता को देने हैं । भोजन के लिए व्यवस्था पृथक से है, इस इकरार नामे में इस बात का उल्लेख कहीं नहीं है कि प्रत्येक हितग्राही से जो ₹2500 का संकलन होगा उसमें से किस्मत में कितना खर्च किया जाएगा। अनुबंध के मुताबिक सुरक्षा की जिम्मेदारी संचालन कर्ता की है और वह नियम अनुसार हॉस्टल की सुरक्षा के लिए महिला गार्ड की व्यवस्था करेगा। अनुबंध पत्र में नगर निगम की ओर से हस्ताक्षर कर्ता ने अपना नाम और अपना पद नाम डाला है किंतु संचालन कर्ता की ओर से जो हस्ताक्षर किए गए हैं उसमें पदनाम नहीं है। इससे लगता है कि निगम और संचालन कर्ता के बीच अनुबंध पत्र को लेकर जल्दबाजी की गई है। जबकि निगम ने अपना दूसरा हॉस्टल जो नूतन कॉलोनी में स्थित है को 23 अगस्त 2019 से किराए पर दिया और अनुबंध 20 मार्च 2020 को किया 2019 के आठवें महीने से 2020 के मार्च महीने तक किस तरह हॉस्टल संचालित हुआ इसकी कोई जानकारी नहीं मिलती नूतन कॉलोनी स्थित यह हॉस्टल बिलासपुर डीफ एसोसिएशन को दिया गया है। अनुबंध पत्र की शर्त 40 और 41 के मुताबिक संचालन करता ₹11500 जीएसटी अतिरिक्त हर माह निगम को देगा साथ ही ₹25000 की बैंक गारंटी सुरक्षा निधि के रूप में भी जमा कराएगा। बृहस्पति बाजार स्थित कामकाजी हॉस्टल एक साथ 4 साल के लिए दे दिया गया साथ ही इस अनुबंध को उभय पक्ष की सहमति से 1 साल के लिए बढ़ाया जा सकता है किंतु नूतन कॉलोनी स्थित हॉस्टल का अनुबंध 1 साल के लिए किया जाता है। यह भेदभाव समझ के बाहर है असल में बृहस्पति बाजार का हॉस्टल संचालन के लिए किसी को नहीं दिया जा सकता है केंद्र सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग का ऐसा ही निर्देश है किंतु निगम के जनप्रतिनिधियों ने ऐसा कर दिया। उलट नूतन कॉलोनी स्थित कामकाजी हॉस्टल बीडीए के मद से बना है। और इसे निगम किराए पर दे सकती है। सवाल यह उठता है कि महिला एवं बाल विकास विभाग छत्तीसगढ़ शासन जब निगम से कामकाजी हॉस्टल की जानकारी मांगता है तो नूतन कॉलोनी स्थित हॉस्टल का संचालन करता महिला एवं बाल विकास विभाग को पूरी जानकारी देता है पर बृहस्पति बाजार स्थित हॉस्टल का संचालन करता जानकारी नहीं देता। दोनों हॉस्टल के संचालन के अनुबंध पत्र में इस बात का कोई उल्लेख नहीं है कि उक्त हॉस्टल के निरीक्षण का अधिकार किसका है। महिला एवं बाल विकास विभाग को तो पता ही नहीं है की बृहस्पति बाजार में कोई वर्किंग वुमन हॉस्टल चल रहा है ऐसे में संचालन कर्ता के ऊपर नियंत्रण किसका है इस बात का जवाब अनुबंध के अनुसार नहीं मिलता कुल मिलाकर हॉस्टल संचालन में बड़ा खेला किया गया है। यह पूरा समाचार आरटीआई के तहत प्राप्त दस्तावेज के आधार पर है, और हमने समाचार के संदर्भ में आयुक्त महोदय से संपर्क किया उन्होंने बताया कि वे विश्वकर्मा पूजा में व्यस्त हैं हमने उनके मोबाइल के व्हाट्सएप नंबर पर 4 प्रश्न किए जिसका अभी तक कोई जवाब नहीं आया है आने पर स्टोरी को अपडेट कर दिया जाएगा।