24hnbc लोक बदला गरीबी में, फिर काहे का कर्तव्य काहे का पथ
Friday, 09 Sep 2022 00:00 am
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समाचार - बिलासपुर
बिलासपुर, 9 सितंबर 2022।
अंग्रेजी साहित्यकार शेक्सपियर ने कहा था नाम में क्या रखा है गुलाब को कुछ और कहेंगे तो भी उसकी खुशबू तो वही रहेगी, किंतु हमारे देश में भले ही हमारा संविधान यह कहे कि नागरिकों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण बढ़ाना है तार्किक सोच पैदा करनी है पर हम नहीं करते लोग गायब होता जा रहा है तो कल्याण किसका करेंगे केवल 94 अरबपतियों का जिनके पास देश के 70 करोड़ों लोगों का संसाधन एकत्र हो चुका है ऐसी और समानता की विभीषिका किसने सोची थी किंतु हम 1947 से चलते हुए अब एक ऐसे रॉकेट लॉन्चर पर बैठे हैं जो जैसे जैसे ऊपर जाता है उसके नीचे का एक इंजन ऊपर वाले इंजन को चालू करके अपने आप गिर जाता है। क्या यही है लोक कल्याणकारी शासन और मार्ग का नाम है " कर्तव्य पथ" कहते हैं अंग्रेज लूटते थे पर हमारे देश ने अधोसंरचना का विकास उन्हीं ने किया हमारे दर्जनों पूल जो रेलवे को सुगम बनाते हैं आज भी उन्हीं की देन है। सत्य या असत्य शून्य में कोई नहीं जीता शब्दों का अर्थ तभी है जब समाज है। बीजेपी तो वाक्य जाल का पर्यायवाची बन गई है याद करें रथ यात्रा, साइनिंग इंडिया 2014 के बाद अब तक केंद्र सरकार 1006 योजनाएं लांच कर चुकी है। जिसमें से 90 योजनाएं प्रातः स्मरणीय प्रधानमंत्री जी के नाम पर हैं सबसे छोटी योजना प्रधानमंत्री रिसर्च फैलोशिप जिसके अंतर्गत 10 लाख लोगों को लाभान्वित होना था वह भी पूरी नहीं हो पाई और समानता का राक्षस जिस तेजी से बढ़ा है कल्पना करें मात्र 2 साल में 23 करोड़ लोग बीपीएल की श्रेणी में आ गए यह तब हुआ जब देश में सत्ता या निशुल्क राशन दिया जा रहा है। आजकल तो देश को बुलेट प्रुफ आईने के पीछे से देखने की संस्कृति है देश के प्रधानमंत्री की सुरक्षा में लगी एसपीजी का बजट 450 करोड़ रुपए हैं तभी तो सेंट्रल विस्टा 13485 करोड़ का है कर्तव्य पथ 2285 करोड़ का है और देश का हर दूसरा सांसद दागदार गंभीर अपराधिक आरोपों से घिरा है। हर एक सांसद अपने आप में करोड़पति अरबपति है और उसे कर्तव्य पथ दिखाया जा रहा है। प्रधानमंत्री की सेवा में हाजीर 6 बीएमडब्ल्यू में से हर कार की कीमत दो करोड़ है । दो हवाई जहाज एक की कीमत 8400 करोड आखिर हमारी टक्कर सीधे अमेरिका के एयर फोर्स वन से है भले देश में सैकड़ों ट्रेनें रोज रद्द की जाती है किंतु हमारा प्रधानमंत्री घर से हवाई अड्डे तक सुरंग से जाएगा तब 450 करोड़ रुपए की एसपीजी की जरूरत ही क्या है किंतु देश के नागरिक तार्किक के सोच रखते नहीं हर मामले को भावनात्मक और धार्मिक कपड़ों में लपेट कर देखेंगे तो सच्चाई नजर नहीं आएगी।