24 HNBC News
24hnbc व्रत और प्रतिज्ञा सनातन धर्म ही नहीं, राजनीति में भी समाधान नहीं समस्या पैदा करती है
Saturday, 13 Aug 2022 18:00 pm
24 HNBC News

24 HNBC News

24hnbc.com
समाचार - बिलासपुर
बिलासपुर। सनातन धर्म मानने वालों की एक बड़ी आदत है जब कभी कुछ करने के लिए तैयार होते हैं तो व्रत लेते हैं या फिर प्रतिज्ञा कर लेते हैं एक ऐसी ही व्रत हमारे प्रातः स्मरणीय प्रधानमंत्री जी ने वर्ष 2018 में ले डाला। यह उन्होंने स्वयं ही राजस्थान की एक रैली में जन सामान्य को बताया उन्होंने कहा कि 2022 तक देश में ऐसा कोई परिवार नहीं होगा जिसके पास घर ना हो। अपने व्रत वाले घर को अन्य योजनाओं वाले घर से भिन्न भी बता दिया बताया नल होगा, नल में जल होगा, बिजली होगी, एलईडी बल्ब होगा और उज्जवला गैस भी होगी साथ में शौचालय भी होगा। लोकसभा में बताई गई जानकारी के मुताबिक इस योजना में शहरी आवास के अंतर्गत 1.22 करोड़ आवास बने थे पर अभी जब व्रत पूरा होने का समय आ रहा है 61 लाख ही बने, इस बीच विशेष बुलडोजर न्याय योजना के तहत मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश के कई स्थानों पर बगैर अदालती आदेश के छत छीन भी ली गई । अन्य व्रत किसानों की आय दोगुनी करने का है अशोक दलबई समिति ने 2015-16 में किसानों की वार्षिक आय 96703 रुपए और 2022-23 में 172694 रुपए हो जाने का अनुमान बताया किंतु नेशनल सैंपल सर्वे बताता है कि 2012-13 से 2018-19 टकसाल आना बढ़ोतरी 3.5% है। इनकम डबल तो दूर किसान आत्महत्या के प्रकरण 2014 से 2020 के बीच 43181 हो गए यह आंकड़ा एनसीआरबी का है तो इस पर शंका काला जादू के समान है। और बात 5 ट्रिलियन इकोनामी की जिसके लिए जीडीपी की ग्रोथ 22 से 25% चाहिए अभी जीडीपी 7.5% है। वृद्धि अनुमान 0.2% है थोक महंगाई दर 15.08% है और खुदरा महंगाई दर 8.31% है। रोजगार 2 करोड़ प्रतिवर्ष का वादा अर्थात 8 साल में 16 करोड़ रोजगार के मुकाबले 8 वर्ष में 7 लाख नौकरी पर टिक गया। 2014-15 से 21 22 में 722311 नौकरी दी जबकि आवेदन 22.05 करोड़ आए। यदि 16 करोड़ को नौकरी मिल जाती तो बी 6 करोड़ आवेदक निराश होते अच्छा हुआ निराश आवेदकों की संख्या इतनी ज्यादा है कि वे अपना बड़ा कुंडा बना सकते हैं । छोटी मोटी योजनाएं बुलेट ट्रेन, हवाई चप्पल में हवाई यात्रा पर बोलना उचित नहीं लगता क्योंकि एसईसीआर जोन मुख्यालय बिलासपुर यात्री ट्रेनों को रद्द करने का और लंबे समय तक रद्द रखने का रिकॉर्ड बना रहा है हां सरकार ने अपना उज्वला का लक्ष्य निश्चित समय के पूर्व पूरा कर लिया। 2020 तक 8 करोड़ कनेक्शन बांटे जाने थे और यह लक्ष्य 2019 में ही पूरा हो गया। अब यह अलग बात है कि उज्जवला कनेक्शन वाले परिवार सिलेंडर खाली रखे हैं और आर्थिक तंगी के कारण भरवा नहीं पाते इसी बीच मुफ्त की रेवड़ी के साथ सरकार की संद्रा टूट गई है । सो अब गजक बट रही है और इसका वितरण मात्र 255 चयनित नागरिकों के लिए ही होगा इसे प्रातः स्मरणीय संत की मित्र मंडली कहा जाता है।