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24hnbc एक के बाद एक चुनाव का नाटक परिणाम तो आता ही नहीं, कांग्रेस का हाल
Saturday, 06 Aug 2022 00:00 am
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समाचार - बिलासपुर
बिलासपुर। कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जब कभी भी बिलासपुर आते हैं पत्रकारों के प्रश्न पर बड़े सकारात्मक भाव में बोलते हैं राजस्थान शिविर में लिए गए निर्णयों का हंड्रेड परसेंट इंक्लीमेंटेशन होगा पर ऐसा होता नहीं है। अब तो कांग्रेस के ही कुछ पदाधिकारी संगठन की नियत पर शक करते हैं वे कहते हैं केवल धन उगाना ही लक्ष्य दिखाई दे रहा है परिणाम तो बताते ही नहीं। वे उदाहरण देते हैं कि कुछ माह पूर्व बड़े जोर शोर से युवा कांग्रेस के चुनाव हुए एक-एक सदस्य पर 200 से ₹300 खर्च हुए यदि 10000 सदस्य भी बने तो ₹250 प्रति सदस्य माने तो 2500000 रुपए का खर्च हुआ पर आज तारीख तक परिणाम नहीं आया साथ ही अपने ही निर्वाचित जनप्रतिनिधि जिला पंचायत सदस्य ने युवा कांग्रेस चुनाव के दौरान स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों द्वारा कांग्रेस की सदस्यता दिलाई जा रही है का आरोप लगाया उस पर भी जमकर राजनीति हुई बाद में प्रदेश कांग्रेस के चुनाव का कार्यक्रम शुरु हो गया बीआरओ , डीआरओ की नियुक्ति हो गई और एक बार फिर से बिलासपुर जिले में पार्टी के नेता चुनाव में व्यस्त हो गए इसके पूर्व शहर अध्यक्ष अपना कार्यकाल पूरा न कर सके और वैकल्पिक व्यवस्था बताओ विजय पांडे को जिम्मेदारी दी गई और उन्हीं की देखरेख में शहर संगठन के चुनाव चल रहे हैं। खबर यह है कि पार्टी के भीतर ही जबरदस्त तरीके से गुटबाजी हो रही है। चुनाव हार चुके नेता का भूत संगठन पर दोबारा हावी होना चाह रहा है और इस बार वह बीआरओ, डीआरओ के द्वारा मनपसंद सूची बनवा रहा है। खुली मीटिंग में जो व्यवहार नेता एक-दूसरे के प्रति दिखा रहे हैं बंद बैठक में वह उल्टा हो जाता है यह भी खबर है कि इस गुट का एक खास आदमी मीटिंग स्थल पर बीआरओ के ऊपर दबाव बनाता है कि रिपोर्ट क्या देनी है, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्षों समेत अन्य पद पर किसकी नियुक्ति कब होती है के पूर्व यह भी चर्चा चल पड़ी है कि इसी समय यह भी निर्णय हो जाना चाहिए कि जो नेता विधानसभा चुनाव की टिकट चाहते हैं वह संगठन से दूर हो जाएं और यह निर्णय तो पिछले विधानसभा चुनाव के समय ही हो गया था इसके बावजूद इशारा ऐसा भी मिल रहा है कि इस बार जिला ग्रामीण अध्यक्ष शहर आना चाहते हैं यहां यह जान लेना जरूरी है कि संगठन में रहते हुए भी वह लगातार अपने टिकट को ही मजबूत करते रहे और इस दौरान पार्टी कमजोर ही हुई। विधानसभा चुनाव में जाने के पूर्व ब्लॉक से लेकर प्रदेश तक का चुनाव की प्रक्रिया पूरी होगी कुछ लोगों को इस बात में भी संदेह है।