24 HNBC News
24hnbc टैग करने पर ही प्रमाणित होगी देश भक्ति
Wednesday, 03 Aug 2022 18:00 pm
24 HNBC News

24 HNBC News

24hnbc.com
समाचार - बिलासपुर
बिलासपुर। हर घर झंडा कार्यक्रम की उपस्थिति गृह विभाग में क्यों लगेगी, क्या संस्कृति विभाग इसे नहीं देख सकता कुल मिलाकर 13 अगस्त से 15 अगस्त के बीच हर परिवार अपने घर पर राष्ट्रीय झंडा लगाए फिर निर्देशित की गई साइट पर जाकर मांगी गई जानकारी फिलअप करें। झंडे का फोटो लॉगिन करें और देशभक्त कहलाए. .....! एक बार फिर से सरकार को बैठे बिठाले अपने नागरिकों का डाटा मिल जाएगा और इस डाटा को सरकार सत्ताधारी राजनीतिक दल के पास ट्रांसफर कर देगी। 13 अगस्त से 15 अगस्त के बीच 24 करोड़ लगने का अनुमान है। एक झंडे का ₹20 भुगतान किया जा रहा है इस लिहाज से यह फंड 480 करोड़ का होता है। डंडा और रस्सी का हिसाब अलग है उत्तर प्रदेश में ही 2 करोड़ झंडे खरीदने की योजना है। स्वतंत्र भारत में फ्लैग कोड है और यह 22 जुलाई 1947 को बना, संशोधित 1950 और फिर 1951, 2002 और अब 2022 में फिर संशोधित हुआ। सवाल ₹20 के झंडे का नहीं है कुछ ही दिन पूर्व देशभर के केंद्रीय विश्वविद्यालयों में हाईमास्ट झंडे का आदेश हुआ है। एक हाईमास्ट झंडा 45 लाख रुपए की लागत से लगता है जिस के रखरखाव का खर्च ₹75000 प्रति वर्ष है। फ्लैट कोड के अनुसार तिरंगा खादी का होता था और इसमें तीन धागे एक साथ चलते थे अर्थ यह है कि सामान्य कपड़े में ताना और बाना दो धागे चलते हैं जबकि तिरंगे में तीन धागे चलते हैं। पूर्व के नियम के मुताबिक झंडे की आन बान शान होती है सूर्य अस्त के पूर्व इसे विधिवत उतारा जाता है उतार दें के समय एक व्यक्ति झंडा स्थल के पास एक ट्रे लेकर खड़ा रहता है। ध्वज उतारने के पश्चात उसे नियमानुसार फोल्ड किया जाता है फिर तिरंगे को ट्रे में रखा जाता है। तत्पश्चात सुरक्षित स्थान पर रखा जाता है। 2002 के संशोधन में घर, फैक्ट्री और अन्य स्थानों पर भी तिरंगा फहराने की अनुमति प्राप्त हो गई और अब 2022 में तिरंगा पॉलिस्टर कपड़े का बनने लगा। भारत में पॉलिस्टर का आयात सर्वाधिक चीन से होता है हम कुछ दिन पूर्व चीनी सामान के बहिष्कार की बात कर रहे थे। असल में सरकार यह जानने में ज्यादा दिलचस्पी रखती है कि 13 से 15 तारीख के बीच किसने अपने घर पर झंडा नहीं चढ़ाया. ..... इंटरनेट पर उपलब्ध जानकारी के मुताबिक जिन 9 फर्म को तिरंगा सिलाई का काम मिला है उसमें पांच फर्म गुजरात की हैं कुछ ही महीने बाद गुजरात में विधानसभा चुनाव हैं पांच फर्म किसकी है यह तो गुजराती ही जाने पहले जय श्री राम का नारा छाती खोलकर अंदर भगवान दिखाया जाना और अब घर पर झंडा चढ़ा तो देशभक्त की परिभाषा बौद्धिक रूप से यह ताली बजाओ, थाली बजाओ, मोबाइल की लाइट जलाओ और देशभक्ति का प्रमाण पाओ। सनक के उदाहरण हैं।