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24hnbc डूबती अर्थव्यवस्था, धार्मिक उन्माद में है आमजन
Thursday, 07 Jul 2022 18:00 pm
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समाचार - बिलासपुर
बिलासपुर। हालांकि पिछले 8 साल से देश में जो सरकार है उसमें कभी भी किसी भी क्षेत्र में जिम्मेदारी तय नहीं होने की परंपरा बन गई है इसलिए हम भी उस बढ़िया परंपरा का निर्वाह करते हुए डूबती अर्थव्यवस्था के लिए किसी को उत्तरदाई नहीं ठहराते सनातन परंपरा है बुरे कर्म किए होंगे तो भुगत रहे हैं फिर भी डूबती अर्थव्यवस्था के चर्चा तो करेंगे ही. ..... ऊर्जा के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी परिवर्तन इन दिनों दिखाई दे रहा है । पेट्रोलियम पदार्थों का निर्यात भारत से 98% बढ़ गया और ऊर्जा का दूसरा क्षेत्र कोयला जिसमें हम आत्मनिर्भर थे हमारा आयात 3 गुना बढ़ गया, इन दिनों हम सोवियत संघ से 30% सत्ता पेट्रोल लेकर यूरोपीय देशों को अंतर्राष्ट्रीय बाजार कीमत से 2% कम पर दे रहे हैं इससे समझ लीजिए कि देश में अन्य सेक्टर में कुछ पैदा ही नहीं करते जो चीज हमारे देश में होती ही नहीं है उसको सस्ते में आयात करके अडानी भाई के लाभ के लिए हमारी पेट्रोल कंपनियां निर्यात कर रही है। निर्यात का और कुछ मजेदार क्षेत्र इलेक्ट्रॉनिक गुड्स में 72594 करोड की कमी आई, ड्रग के क्षेत्र में 2 बिलियन डॉलर अर्थात 16000 करोड़ की कमी आई , टेक्सटाइल के क्षेत्र में 92.5 मिलियन डॉलर की कमी आई और इन्हीं तीन क्षेत्र के निर्यात को लेकर हम एक समय इतराते थे। आयात बढा निर्यात कम होता गया प्रत्येक माह $500000 का कर्ज बढ़ता जा रहा है रुपए अपने कमजोरतम स्थिति में है और हमारी तो बैंड बजी हुई है । इससे खराब स्थिति और कोई हो नहीं सकता अब रुके और याद करें कि हम जब भी मेट पिक्चर नहीं देख रहे हैं की हीरोइन आएगी और सब कुछ अच्छा अच्छा होने लगेगा। शाहिद कपूर चश्मा लगाकर बरसते पानी में डांस करते नजर नहीं आएंगे जून महीने में हमको 2 जून की रोटी भी मुश्किल हो गई है। एक्सपोर्ट 35.95 मिलियन डॉलर इंपोर्ट 63.8 5 बिलियन डॉलर 569000 करोड डॉलर का हर माह नुकसान घाटा महीने दर महीने बढ़ रहा है। और हम कोयले के आयात में बुरी तरह फस रहे हैं जून महीने में 3 गुना ज्यादा आयात किया। अप्रैल में 6.4 बिलियन डॉलर रुपए में कन्वर्ट करें तो 50558 करोड़ मार्च में हमारा आयात 42000 करोड का था फरवरी में 35000 करोड रुपए का जनवरी में 22 हजार करोड़ और उसके पहले 12000 करोड़ कोयले जैसी चीज में हम आयात लगातार बढ़ा रहे हैं क्योंकि केंद्र का दबाव है आयात बढ़ाना है और आयात अडानी से ही करना है कुछ ही दिन पहले तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को संबोधित करते हुए स्पष्ट कहा हम 6 गुना अधिक महंगा कोयला बाहर से क्यों बुलाए इस बीच एक और मुद्दा चर्चा का है देश में बैंकिंग फ्रॉड लगातार बढ़े 21 - 22 में 41 हजार करोड़ का बैंकिंग फ्रॉड हुआ 100 करोड़ से अधिक रुपए का बैंकिंग फ्रॉड करने वाले की संख्या 81 है। डीएचएफएल कंपनी ने 34615 करोड रुपए का बैंकिंग फ्रॉड किया नीरव मोदी, मेहुल चौकसी जैसे नामों की लिस्ट बहुत लंबी है बैंकिंग फ्रॉड के साथ जिस संस्था की चर्चा करना निहायत जरूरी है उसका नाम है ईडी, ईडी ने 2004 से 2014 के बीच केवल 112 छापेमारे और 2014 से अभी तक 2974 छापे मार चुकी है खुद कल्पना करें कि ईडी कितना काम कर रही है उसके बाद भी बैंक लूटना बंद नहीं हुआ। ईडी किससे घंटों पूछताछ करती है जिससे पूछताछ करना चाहिए वह तो बाहर मजे से घूमता है और जिसे बिठाकर पूछताछ की जाती है वह तो जब बुलाओ तब हाजिर है ऐसे में ईडी के 2974 छापों का लाभ जनता को होता दिखाई नहीं दे रहा है। लगे हाथ प्यारे स्वदेशी आंदोलन वाले भारत का चीन से आयात निर्यात की भी चर्चा हो जाए। कोरोना का हाल में हमने चीन से खूब आयात किया 20-21 में यह 65 अरब डालर था 21- 22 में 94.16 अरब डॉलर पहुंच गया इससे सीधा अर्थ है आम जनता को चीन का बहिष्कार की बात कही जाती है और जब आयात का आंकड़ा दिखाई देता है तब पता चलता है कि स्वदेशी भाजपाई का चीनी प्रेम लगातार गाढ़ा होता जा रहा है। अब अंतिम बात झोला उठाकर नेतृत्व नहीं जाने वाला जनता के हाथ में झोला पकड़ा दिया गया है चलिए किस महीने का राशन ससती दर वाला उसी झोले में लेकर आते हैं।