24hnbc लगता है बस्तर को लेकर सरकार की सोच बदल गई है
Monday, 02 May 2022 18:00 pm
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समाचार - बिलासपुर
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण आदिवासी जल, जंगल, जमीन के संरक्षण के नाम पर हुआ । ऐतिहासिक सत्य है की स्वतंत्र भारत में जब राज्य निर्माण की बारी आई तो बस्तर राज्य की मांग भी उठी। 2001 में जब छत्तीसगढ़ बना तो बस्तर का विकास होगा इसी उम्मीद को आदिवासियों ने बहुत दिन तक अपने दिमाग में रखा अब यह बात टूट रही है। 2001 से 2003 की बात अगर छोड़ भी दें तो सबसे लंबा शासन 15 वर्ष भारतीय जनता पार्टी और उनके मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के खाते में जाता है जमकर नक्सली हिंसा हुई दर्जनों नेता मारे गए, कई नक्सली मारे गए, पुलिस ने आम आदमी, ग्रामीण पर जोर जबरदस्ती भी की और तभी कुछ पत्रकार जो कांग्रेस के चहेते थे आज सलाहकार बन बैठे हैं किंतु बस्तर क्षेत्र में ना तो नक्सलवाद पर नियंत्रण हो रहा है ना ही आम नागरिकों पर जुर्म रुक रहे हैं चाहे वह जुर्म सत्ता के द्वारा हुआ हो या नक्सलवाद के द्वारा हुआ हो। सेलेगर का आंदोलन अभी भी चल रहा है जिसमें आदिवासी सरकार के पुलिसिया जबरदस्ती का विरोध कर रहे हैं । उस ओर से छपने वाले निष्पक्ष अखबार प्रातः इंडिया के साथ और भी कुछ आम नागरिकों के आंदोलन को लगातार लिख रहे हैं। बस्तर के आदिवासियों ने आरोप लगाया है कि छत्तीसगढ़ सरकार और पुलिस प्रशासन उनके गांव में ड्रोन से बम ब्लास्ट करके हवाई हमला कर रहा है इस हमले के अवशेष का फोटो वीडियो बनाकर आदिवासी समाज लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहा है और सरकार हमेशा की तरह विरोध को नजरअंदाज कर रहा है। बस्तर के ग्रामीण लगातार फर्जी मुठभेड़ों की जांच की मांग कर रहे हैं। कांग्रेस सरकार आने के पूर्व आज के सीएम और मंत्री कावासी लखमा ने बस्तर में कई वादे किए थे जिन पर अब अमल नहीं हो रहा है। बस्तर में आदिवासियों के दम पर सरकार में आने वाले आदिवासी नेता अब इनकी सुध लेने को तैयार नहीं है परिणाम स्वरूप ग्रामीण सड़क पर उतर आए हैं और कई स्थानों पर तो कलेक्टर का घेराव तक हो जाता है कुल मिलाकर हालात अच्छे नहीं हैं। दूसरी ओर जब सरकार किसी एक कांड की जांचें कराने आगे बढ़ती है तो विपक्ष न्यायालय के माध्यम से जांच रोकने के लिए दिल्ली से महके वकील लाकर खड़ा कर देते हैं समझ ही नहीं आता कि असल में नक्सलवाद पर नियंत्रण और इमानदार नियत कौन रखता है. ......।