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जो जागना ही नहीं चाहते उनका क्या किया जा सकता है अभी तो मोदी जी ने सोनिया जी का रिकॉर्ड ही नहीं तोड़ा है इंदिरा, नेहरू तो बहुत दूर है
Saturday, 12 Mar 2022 18:00 pm
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समाचार - बिलासपुर
बिलासपुर। देश को समझदार विपक्ष चाहिए कांग्रेस दे या कोई और समझदारी का ठेका कांग्रेस का नहीं है कांग्रेस में नासमझी का दौर कुछ ज्यादा ही हो गया 2014 से 2024 और 2029 भी जोड़ ले चुनाव दर चुनाव देश का बना क्या है। आजाद भारत के सफर में मोदी भाजपा और संघ परिवार की हिंदू राजनीति से अमृत पैदा हो रहा है या जहर...... स्वतंत्र भारत के 75 साल के सफर में मोदी के 8-10 साल का क्या अर्थ है । इसके पूर्व देश 10 साल उस कांग्रेस के नेतृत्व में थी जिसकी कमान सोनिया गांधी के हाथों में थी कांग्रेस नीत सरकार ना केवल केंद्र में थी बल्कि 10 राज्यों में भी उसी की सरकार थी तो पहले मोदी सोनिया गांधी के रिकॉर्ड को ब्रेक करें फिर इंदिरा गांधी के रिकॉर्ड को और फिर पंडित नेहरू के रिकॉर्ड को ब्रेक करें। देश की हालत यह है कि 10 परिवारों को छोड़ केवल भीखमंगे और लाभार्थी नजर आते हैं कटोरा परेड में टीवी चैनल सबसे आगे है । चुनाव, अवतार पूजा और आस्था का प्रदर्शन हो गए चुनाव परिणाम के बाद 10 मार्च 2022 का भाषण, 2017 मार्च का भाषण और 2019 का भाषण के बीच कोई अंतर नहीं है देश का वर्तमान सियासी दृश्य कांग्रेस के पाप से जन्मा है। माननीय मोदी जी का विकल्प यदि केजरी जी है तो समझे आत्ममुग्धता, एकाधिकार वाद, ढोंग, धूर्तता का एक नया वर्जन सामने हैं। पक्ष विपक्ष दोनों धूर्तता पर उतारू हैं। उत्तर प्रदेश का चुनाव देखें भाजपा ने 2017 में 384 सीट पर लड़े 312 पाए, 2022 में 403 पर लड़े 255 पाए, मतलब 57 कम पंजाब में 3 उत्तराखंड में 17 में 57 तो अभी 47 विपक्ष की नालायकी का खामियाजा देश भूगतेगा । हम लोकतंत्र के जिन बुनियादी मूल्यों की बात करते हैं उसकी सुई इतना काप क्यों रही है जनता मजबूत सरकार दे रही है तो विपक्ष को भी मजबूत होना होगा सरकार अच्छा काम नहीं कर रही इसलिए विपक्ष जीत जाएगा ऐसा नहीं होगा उत्तराखंड इसका उदाहरण है । कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व को जल्द से जल्द भरा जाना चाहिए जिस चुनाव की बात कांग्रेस कर रही है उसमें तो 6 महीने लगेंगे तब तक देर नहीं अंधेर हो जाएगा। इसीलिए कहते हैं कि समझदारी का ठेका केवल कांग्रेस का है क्या यदि कोई जागना नहीं चाहता तो किया, क्या किया जा सकता है।