सामाजिक कार्यकर्ता लगे खबरों की सेवा में हेल्थ के जहांपनाह ने 3 वजीर पीआरओ बनाएं
Sunday, 13 Feb 2022 18:00 pm
24 HNBC News
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समाचार - बिलासपुर
बिलासपुर । स्वास्थ्य विभाग में आंख वालों की बादशाहत है ऐसा अभी के लिए नहीं पूर्व मुख्य चिकित्सा अधिकारियों के संबंध में भी कहा जा सकता है। जब कभी भी इस कार्यालय के प्रत्येक काम में कमीशनखोरी, भाई भतीजावाद और रुपयों का बोलबाला हुआ। पता यही चला की असली सूत्रधार तो आंख वाले हैं कभी इन्हें सुपर सीएचएमओ, कभी निजाम तो, कभी बादशाह कभी, जहांपनाह जैसे खिताब मिलते रहे। एक पूर्व महिला अधिकारी के विरुद्ध तो उच्च न्यायालय में पीआईएल भी दाखिल हुई पीआईएल में जजमेंट में लिखा गया की आवेदक पक्षकार चाहे तो अधिकारी के विरुद्ध संबंधित थाना क्षेत्र में प्राथमिकी दर्ज करा सकते हैं । आज तारीख तक प्राथमिकी दर्ज हो ही रही है पुलिस ना हुई सीबीआई हो गई घोटाला की जांच के लिए डिजिटल ऑडिट रिपोर्ट का इंतजार हो रहा होगा। सरकंडा थाने में टीआई दर टीआई बदल गए पर स्वास्थ्य विभाग और खाकी के बीच अद्भुत संयोजन सामने आया आज तक प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई आवेदक भी इस संदर्भ में रूचि लेते दिखाई नहीं दिए यह तो हुई पिछली कहानी। अभी का आलम यह है कि जैसे की जानकारियां मांगी जा रही है विभाग की कार्यकुशलता का पता चल रहा है लाखों रुपए के कंप्यूटर इस कार्यालय में बेमतलब खरीदे गए ऐसा इसलिए कहा जा रहा है कि जिन दस्तावेजों को कंप्यूटराइज संधारित किया जा रहा है उन्हें मूल स्वरूप में न देकर हस्तलिखित प्रदान किया जा रहा है। कहते हैं कि एक राजनीतिक दल के पदाधिकारी जो इन दिनों सामाजिक कार्यकर्ता बन गए हैं ने इस विभाग के सड़े गले को छुपाने व्यवस्थित करने का ठेका ले रखा है यह वह ठेका है जिसका कोई टेंडर नोटिस नहीं होता। सामाजिक कार्यकर्ता अपनी वरिष्ठ नेता दबदबे और पसंद के अनुसार विभाग चुने लेते हैं तथा वही की खबरों को सदा सकारात्मक रूप से पेश कराने के लिए पीआरओ बन जाते हैं। फिलहाल इस विभाग के जहांपनाह ने ऐसे तीन वजीर पीआरओ नियुक्त कर रखे हैं।