24hnbc असली रिश्वत खोर स्वयं को बचाने उछाल रहा, आत्मा-आत्मा
Friday, 11 Feb 2022 18:00 pm
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समाचार - बिलासपुर
बिलासपुर। आपराधिक मामले की जांच को शिथिल करने की नियत से ही शिक्षा विभाग का एक जिम्मेदार अधिकारी आत्मानंद सरकारी स्कूलों में नियुक्ति, प्रतिनियुक्ति, तबादला में हुई अनियमितता को प्रमुखता से प्रकाशित कर रहा है। ऐसा एक नीयत से किया जा रहा है कि भा द वि के तहत पंजीकृत एफ आई आर की धार और धाराएं जिनमें जिम्मेदार अधिकारी की जेल यात्रा हो सकती है बच जाए। शिक्षकों की पोस्टिंग में लाखों का लेन-देन चल रहा था। ऑडियो वायरल हुआ बिलासपुर की जागरूक जिम्मेदार वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने तुरंत संज्ञान लिया और एफ आई आर दर्ज हुई। दो बाबू नंदकुमार साहू और योगेश पांडे की गिरफ्तारी हुई कहते हैं कि इन दोनों ने सोम बाबू जो कि जेडी ऑफिस में बैठता है के नाम का खुलासा किया जब पुलिस वहां पहुंची तो वह गायब हो चुका था मामले में जेडी दफ्तर पुराना घोड़ा गाना स्कूल और बी ई ओ ऑफिस पुराना कमपोजिट भवन का नाम आ रहा है। असल में पूरा खेल तो पुराना कमपोजिट भवन स्थित शिक्षा विभाग के विधि प्रकोष्ठ से संचालित है। बताते हैं कि गिरफ्तार आरोपियों ने नाम का खुलासा भी किया है तभी से आत्मानंद प्रतिनियुक्ति गड़बड़ी को सुनियोजित तरीके से उछाला जा रहा है। इसके पीछे कारण है कि यहां रिश्वतखोरी के लिए उत्तरदाई अधिकारी की कलम नहीं फसती और सब जानते हैं कि आत्मानंद के मामलों में नोट सीट पर अधिकृत सीईओ और कलेक्टर के हस्ताक्षर हैं इससे लगता है कि जिस जांच में जेल जाने की संभावना बनती है उसके स्थान पर मामले को सिविल सेवा आचरण अधिनियम के तहत लाकर सस्ते में निपटाया जा रहा है।