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24hnbc कांग्रेस नेता ने अपने प्रभाव का दम दिखा कर किया सरकारी भूमि अधिग्रहण
Wednesday, 19 Jan 2022 18:00 pm
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समाचार - बिलासपुर
बिलासपुर। वर्तमान में कांग्रेस की सरकार जिस तरह से समर्पित भावना के साथ जनमानस के हित के लिए कार्य करते नजर आ रही है। जिसके लिए भूपेश बघेल मुख्यमंत्री जनता के भलाई के लिए अनेक योजनाओं का क्रियान्वयन किया है। वही उनके पार्टी के रसूखदार और प्रभावशाली नेता अपने प्रभाव का दम दिखाते हुए नजर आ रहे हैं। जिस तरह सरकारी भूमि के अधिग्रहण करने में लगे हैं वही लोकहित में बनाए गए भूपेश सरकार की योजनाओं से लोग लाभान्वित नजर आने के साथ वही उनके पार्टी के नेताओं की अपने अधिकारों का दुरुपयोग करते हुए भी नजर आ रहे है।सरकार जहा जनता की मदद के लिए होती है वही कांग्रेस शासित प्रदेश में नगर निगम के अधिकारी व कांग्रेस नेताओ की मिलीभगत से एक शासकीय भूमि पर अवैध भवन निर्माण करवाया गया है। 
यह मामला हेमू नगर वार्ड का है जहा बंधवापारा मेन रोड पर मोहम्मद इम्तियाज के घर के सामने मे फूल बाई नामक महिला के द्वारा लगभग 1200 वर्गफुट शासकीय भूमि मे पक्का मकान बना लिया गया है। फूलबाई जो मोती थारवानी के यहां कार्य करती है। मोती थारवानी अपने प्रभाव एवं स्वभाव के लिए जाने जाते हैं। जिनकी निकटता विधायक शैलेश पांडे और महापौर रामशरण यादव से सर्वविदित है। वही आम आदमी के रूप में मोहम्मद इम्तियाज को काफी दिक्कत तो का सामना करना पड़ रहा है। उनके घर के प्रवेश द्वार के सामने जिस तरह से अवैध अतिक्रमण करके फूलबाई द्वारा मकान का निर्माण किया गया है जिससे मोहम्मद इम्तियाज के परिवार वालो को आने जाने मे काफी दिक्कतो का सामना करना पड़ रहा है। फूल बाई महिला की शिकायत तहसीलदार व नगर निगम कमिश्नर से की जा चुकी है,यह महिला गलत प्रधान मंत्री आवास योजना के अंतर्गत गलत दस्तावेज प्रस्तुत कर ॠण स्वीकृत करवा रही थी।फूल बाई महिला के नाम पर कोई भी भूमि दर्ज नही है,जांच कर अधिकारियो द्वारा महिला को दो -तीन बार नोटिस भी जा चूका है ।शासकीय भूमि पर अवैध भवन निर्माण तोड़ने का आदेश भी जारी हो चुका है ।इसकी जानकारी महापौर रामशरण यादव और शहर विधायक शैलेष पांडेय को भी है फिर ऐसा कौन सा कारण है की इस अवैध निर्माण भवन को नही तोड़ा जा रहा है। कांग्रेस सरकार और उनके नेता जिस तरह से प्रशासन के प्रभाव का दुरुपयोग करते नजर आ रहे हैं भविष्य में आने वाले समय में यह परिणाम उनके कार्य शैली पर प्रश्न चिन्ह लगाएगा जिसका भुगतान आगामी चुनाव में भुगतना पड़ सकता है। जिस तरह से साधारण महिला का इस तरह से प्रशासनिक आदेशों के विरुद्ध कार्य करना उसके बस की बात नहीं है। कहीं ना कहीं राजनीतिक शक्तियों और प्रभाव का यह नजर बखूबी रूप से आ रहा है ।दो बार नगर निगम अमला तोड़ने भी आया था लेकिन बिना तोड़े वापस लौट गया इससे स्पष्ट होता है कि किस तरह से अपने प्रभाव का दुरुपयोग करते हुए कांग्रेस के नेता सरकारी जमीन को अधिग्रहण करने में लगे हुए हैं। भविष्य में इस तरह के सरकारी जमीन अधिग्रहण करने का मुद्दा कांग्रेस सरकार की परेशानियों का कारण निश्चित रूप से बनेगा।