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24hnbc जयरामनगर मॉडल पर चल रही दर्रीघाट डकैती जांच
Saturday, 15 Jan 2022 18:00 pm
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समाचार - बिलासपुर
बिलासपुर । दर्रीघाट डकैती कांड में पुलिस जयरामनगर डकैती कांड को अपना रोल मॉडल मान बैठी है जब अपराधियों को पकड़कर बंदर स्वरूप स्वीकार न करा सके तो जिसके यहां घटना हुई हो उसी को बंदर बना लिया जाए । यही जांच का जयरामनगर मॉडल है इसी तर्ज पर दर्रीघाट में जांच हो रही है। किंतु इस बार जिसके यहां घटना हुई वह अग्रवाल नहीं है और मस्तूरी में उस समाज के 62000 वोट हैं लिहाजा सतनामी नेता बंदर नहीं बन रहा । तो उसके ड्राइवर पर जोर आजमाया जा रहा है। लेकिन दबंग नेता कल स्वयं वाहन लेकर पूछताछ स्थल पर पहुंच गए और अपने ड्राइवर को बयान पश्चात लेकर चले गए असल में दर्रीघाट डकैती कांड का प्रथम एपिसोड 1 साल पहले लिखा गया था तब भीड़ ने कांग्रेसी नेता के घर के बाहर वाहनों को नुकसान पहुंचाया था और कुछ आपराधिक तत्व घर के भीतर भी घुसे थे उस दिन भी भवन स्वामी कांग्रेस नेता टांकेश्वर पाटले वहां नहीं थे कांग्रेस के ही एक नेता तो वहां पर यह कहते सुने गए भारी अनर्थ होने से बच गया अगर टांकेश्वर होता तो बड़ी अनहोनी हो जाती इस मामले में भी कांग्रेस नेता ने संबंधित थाने में शिकायत दर्ज कराई पुलिस की कार्यवाही को निष्पक्ष न होता देख उसने आयोग के समक्ष भी शिकायत की है। किंतु उस समय के टीआई ने इस मामले की जांच नहीं की और अंत में अपराधी खुलेआम घूमते रहे। अब सेकंड एपिसोड इसी माह की घटना दिनांक अलभोर ही टांकेश्वर पाटले अपने ब्लॉक अध्यक्ष नागेंद्र राय के साथ किसी देवी मंदिर चला गया घटना का समय लगभग 11:30 बजे है सुबह 6:00 बजे से उनकी गाड़ी उनके घर के सामने ही खड़ी थी इतनी सुबह कोई चल देगा इस बात का अंदाज अपराध करने आए लोगों को नहीं था यदि पीड़ित पक्ष का कोई व्यक्ति मुखबिर होता तो अपराधी आते ही क्यों.... अपराधियों की संख्या और लूट का माल के बीच सामंजस नहीं दिखता। ऐसी भी शंका है कि जो अपराधी तत्व कांग्रेस नेता के घर में घुसे थे उनके बीच काम का बंटवारा था एक काम हो पाया दूसरा काम नहीं हो पाया कुल मिलाकर पुलिस ने 1 वर्ष पूर्व घटित अपराध पर सही जांच की होती तो दूसरी घटना नहीं होती पर बिलासपुर में पदस्थ पुलिस अधिकारी तो लो पुलिस अधिकारी तो लोक प्रबंधन में डॉक्टरेट है और अपराधियों को अंदर करना वे नहीं जानते ।