24hnbc बूसेजो की प्राथमिकता को छोड़ मस्तूरी के नामधारी टिकट के लिए कर रहे लखनऊ परिक्रमा
Tuesday, 11 Jan 2022 00:00 am
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समाचार - बिलासपुर
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा का वो चुनाव जिसमें भारतीय जनता पार्टी की जड़े ही कमजोर हो गई और अब की बार 72 पार का नारा झुठा पड़ गया। कांग्रेस को प्रचंड बहुमत हासिल हुआ किंतु कांग्रेस की विजय रथ में यदि कुछ कड़वाहट हुई तो उनमें से कड़वाहट घोलने वाली विधानसभा मस्तूरी भी है। यहां पर भाजपा का प्रत्याशी ना केवल 24000 वोट से जीता बल्कि कांग्रेस तीसरे नंबर पर पहुंच गई यह तो सबक लेने वाला पाठ रहा जिला कांग्रेस के पदाधिकारियों ने प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम के निर्देश पर हर ब्लॉक अध्यक्ष को बूथ, जोन और सेक्टर बनाकर संगठन खड़ा करने की जिम्मेदारी दी बूथ, जोन और सेक्टर को ही कांग्रेस की संगठन खड़ा करने की ट्रिग्नोमेट्री कहा जा सकता है तभी इसे बूजोसे फार्मूला कहां जा रहा है। जिला स्तर पर इस फार्मूले की समीक्षा भी होती है इसी फार्मूले के आधार पर कांग्रेस पार्टी अपना सदस्यता अभियान भी चला रही है किंतु मस्तूरी के नामधारी नेताओं को काम में धारी बनने में शर्म आती है तभी तो अभी से टिकट के दावेदार लखनऊ परिक्रमा करने में जुट गए हैं एक दावेदार जो जांजगीर जिले से जिला पंचायत के सदस्य हैं और एक दावेदार जो बिलासपुर जिला पंचायत से सदस्य हैं वे टिकट के लिए अभी से नवाबों के शहर चल देते हैं इतना ही नहीं अब जब जा रहे हैं तो केवल मुस्कुराहट से लखनऊ में काम तो नहीं बनेगा अतः अपने साथ मिठाई का डिब्बा भी लेकर जाते हैं उनका मानना है की यही सुगंधित मिठाई का डब्बा टिकट भी तय कराएगा। मस्तूरी में इन दिनों कामधारी जहां संगठन खड़ा करने में लगे हैं तब उन्हें मस्तूरी, मल्हार, जोंधरा, पचपेड़ी, चिल्हाटी जैसे क्षेत्रों में विशेष मेहनत करनी पड़ रही है इस विधानसभा की विशेषता यह है कि 270000 से अधिक मतदाता वाले इस क्षेत्र में 60000 सतनामी तो 18 से 20,000 सूर्यवंशी वोटर हैं। 70 परसेंट मतदान वाला यह क्षेत्र इन 2 मतदाताओं से ही टाइप कर देता है कि कौन जीतेगा और कौन हारेगा यहां पर पलायन भरपूर होता है पर पलायन कभी भी चुनावी मुद्दा नहीं बनता। क्षेत्र की संरचना कुछ इस तरह है कि जिला पंचायत का एक सदस्य मस्तूरी बिल्हा और बेलतरा 3 विधानसभा क्षेत्रों से जुड़कर प्रतिनिधित्व करता है इस तरह देखा जाए तो मस्तूरी में खनिज, बड़े उद्योग, कोलवाशरी भी हैं और राजनैतिक रूप से इस क्षेत्र के मतदाता जागरूक भी हैं यह वहीं विधानसभा है जहां से गणेशराम अनंत और बंसीलाल धृतलहरें जैसे विधायक मध्यप्रदेश के कैबिनेट मंत्री हुआ करते थे।