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24hnbc कर्ज के बाजार का हाल बेहाल रोज छप रहे स्वर्ण आभूषण की नीलामी के विज्ञापन
Thursday, 09 Sep 2021 18:00 pm
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समाचार - बिलासपुर
बिलासपुर । कोविड-19 ने मध्यम वर्गीय परिवारों की अर्थव्यवस्था को किस तरह जर्जर किया है इसका सबसे बड़ा सबूत स्वर्ण नीलामी के बढ़ते विज्ञापन से मिलता है। छत्तीसगढ़ में बस्तर से लेकर जसपुर तक हर शहर में अपना सोना गिरवी रख कर लोन तो लिया किंतु अब वे चुका नहीं पा रहे हैं और अब एक निश्चित समय अवधि के बाद उनके सोने की नीलामी की जा रही है । पहले इस तरह के विज्ञापन यदा-कदा छपते थे क्योंकि भारतीय समाज में अपने घर का सोना गिरवी रखना अंतिम विकल्प माना जाता है। आमतौर पर घर की गृहणीयां कभी भी गिरवी रखे सोने को नीलामी तक नहीं जाने देती स्वर्ण आभूषण को घर की लक्ष्मी माना जाता है और लक्ष्मी की नीलामी हिंदू परंपरा में उचित नहीं मानी जाती इसलिए ऐसे भी उदाहरण हैं जब मूलधन से अधिक राशि देकर भी लोगों ने अपने स्वर्ण आभूषण छुड़वाए किंतु अब कोविड-19 का दबाव कुछ इस तरह है कि मध्यम वर्गीय परिवार ब्याज राशि भी नहीं चुका पा रहा ऐसे में मूलधन कहां से चुकाया जाए । बस्तर, बेमेतरा, बिलासपुर, धमतरी, गरियाबंद, जांजगीर-चांपा, कबीरधाम, कोंडागांव, कोरबा, कोरिया, महासमुंद, मुंगेली, रायगढ़, रायपुर, राजनांदगांव, सूरजपुर, सरगुजा, उत्तर बस्तर, कांकेर, बालोद, बलौदबाजार किसी भी जिले में ऐसा प्रकरण अनोखा नहीं है। मध्यमवर्गीय परिवारों मे जब रोजगार छिन गया और जीवन यापन का कोई अन्य विकल्प नहीं बचा तब निजी क्षेत्र में कार्यरत गोल्ड लोन देने वाली कंपनियों से कर्जा लिया सेवा शर्तों के अनुसार लोन में ली गई राशि पर प्रति 3 माह में ब्याज राशि का चुकाया जाना अनिवार्य है अन्यथा दंड देना होता है यही कारण है कि 3 महीने में ब्याज नहीं देने पर बड़ी मात्रा में लोन डूब रहा है।