24hnbc नए जिले की राजनीति ने कांग्रेसी दिग्गजों को भिड़ाया, धरी रह गई त्रिफला की जुगलबंदी
Saturday, 21 Aug 2021 18:00 pm
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समाचार - छत्तीसगढ़
बिलासपुर। 15 अगस्त के भाषण में प्रदेश के मुख्यमंत्री ने 4 नए जिलों की घोषणा तो कर दी किंतु अब उनके नफे नुकसान पर बात हो रही है। जिलों के नाम के साथ विकास खंडों का नाम भी जोड़ा जा रहा है इसे चूक सुधार कहा जा सकता है, किंतु बड़े नेता जिस तरह से दूसरे की पोल खोल रहे हैं इसे किसी भी दृष्टि से प्रदेश कांग्रेस की सेहत के लिए ठीक नहीं कहा जा सकता एक ऐसा दंगल कांग्रेसी नेताओं के बीच चल पड़ा है जिसमें जीते कोई भी नेता हार कांग्रेस की होनी है। पहला वाक्य राजीव गांधी भवन का वर्चुअल लोकार्पण जिसमें टी एस सिंह देव के बाद अमरजीत सिंह भगत ने दोबारा भवन का फीता काट दिया तदांतर शालीन बाबा को कहना पड़ा ऐसा तो जोगी के समय होता था। दूसरी घटना इससे बड़ी है और खबरों को छुपाने के दबाव के चलते नहीं लिखी गई वाक्या सीएम हाउस का है और यहां पर जब एक ने दूसरे की धुलाई की तो बोलने वाले सीएम थे और सुनने वाले विधानसभा अध्यक्ष हैं और सामने सक्ति और मनेंद्रगढ़ की कई दर्जन नागरिक और स्वयंसेवी संस्थाओं के पदाधिकारी थे दरअसल यह सभी मुख्यमंत्री को इस बात का धन्यवाद देने गए थे कि उन्होंने मनेंद्रगढ़ और सक्ति को जिला बनाया पहले विधानसभा अध्यक्ष सक्ति विधायक महंत जी ने अपनी बात रखी और मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया फिर बारी सीएम की थी लेकिन यह क्या सीएम ने तो उस व्यक्ति का नाम ही बोल दिया जो सक्ति जिले की घोषणा इतनी जल्दी नहीं चाहता था। सीएम ने अपने उद्बोधन में कहा कि जब मैं 15 अगस्त का भाषण तैयार कर रहा था तो मैंने सोचा कि प्रदेश के जनता को क्या सौगात दी जाए ! जिले बनाने से पहला फोन विधानसभा अध्यक्ष महोदय को किया उन्हें अपनी इच्छा बताई तो अध्यक्ष जी ने कहा कि जल्दी क्या है तब मैंने कहा कि मैं तो 4 जिले की घोषणा करने वाला हूं सीएम ने अपने उद्बोधन में और भी कुछ कहा किंतु उसके राजनैतिक अर्थ नहीं है अब सवाल यह उठता है कि जांजगीर चांपा जिला महंत जी का गृह जिला था और यह प्रदेश के बड़े नेता होने के कारण गृह जिले के अतिरिक्त बिलासपुर संभाग की राजनीति में प्रभावी दखल रखते थे सक्ति जिले में महंत जी का गृह ग्राम सारागांव है । सक्ति जिलेे को जिला घोषित होने में देर हो रही थी तो सक्ति और मनेंद्रगढ़ केे नागरिकों के सामने बोल दी मनेंद्रगढ़ का जिला बनने का दावा पुराना था मध्य प्रदेश दिग्विजय सिंह शासनकाल में जिला बना कोरिया और जिला मुख्यालय भी बना कोरिया उस वक्त के मंत्री रामचंद्र सिंह देव ने उसी का मान रखा मनेंद्रगढ़़ में खूब आंदोलन हुआ राज्य परिवहन की बसें भी जला दी गई किंतु कोरिया के साथ जिले के रूप में मनेंद्रगढ़ का नाम नहीं जुड़ा पर अब ऐसा नहींं है अब तो जिला घोषित हुआ मनेंद्रगढ़ और चिरमिरी और भरतपुर का नाम एक साथ जुड़़ गया।
ढाई साल पूर्व जब छत्तीसगढ़ की सत्ता बदली और कांग्रेस को छप्पर फाड़ बहुमत मिला तब भूपेश बघेल चरण दास महंत टी एस सिंह देव ताम्रध्वज साहू को कांग्रेस के ऐसे चार स्तंंभ बताया गया जो कांग्रेस को बांधकर रखेंगे पर इन दिनों 4 खंभों के बीच ही खींचातानी चल रही है पार्टी को कौन बांधकर रखेगा ?