वल्लाह और अस्पताल अस्पताल एक धंधे अनेक द्वितीय किस्त
Saturday, 31 Jul 2021 18:00 pm
24 HNBC News
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समाचार-
बिलासपुर । जब अस्पताल अपने पूर्ण स्वरूप में चलता भी था तब भी अस्पताल के भीतर कोई कैंटीन व्यवस्था नहीं थी यह जरूर है कि अंदर ही मैदान में एक या दो चाय ठेले संचालित थे जो भर्ती मरीजों के लिए गरम पानी दूध चाय और हल्का फुल्का नाश्ता की व्यवस्था करते थे और मिशन अस्पताल परिसर में अंदर आने का एक ही गेट था किंतु बाद में जब अस्पताल की गतिविधियां न्यूनतम होती गई तो अस्पताल के संचालक ने परिसर के अन्य भवन जो बाउंड्री वॉल के नजदीक थे से वैकल्पिक गेट बना दिए। ऐसा ही एक गेट मुख्य मार्ग की तरफ खुला और उसमें पहले चौपाटी फिर कैंटीन और अब वल्लाह संचालित है। ऐसा बताते हैं कि पूर्व में पहले कभी इस भवन में कभी मेडिकल स्टोर या अस्पताल की वेटिंग लौंज हुआ करती थी। जब अस्पताल की चिकित्सकीय गतिविधियां न्यून होती गई तो इन परिसरों का व्यावसायिक उपयोग नियम विरुद्ध तरीके से हो रहा है। मिशन अस्पताल के अंतर्गत जितनी भी भूमि है उस सबका लैंड यूज़ एक ही है और उसमें आज तारीख तक कोई परिवर्तन नहीं हुआ है ऐसे में परिसर के किसी एक खंड में कैंटीन कैसे संचालित हो सकती है जब अस्पताल में कोई मरीज ही नहीं है तो यह कैंटीन किसके लिए संचालित है यदि अस्पताल में मरीज होते भी तो वल्लाह का संचालन समय 5:00 बजे के बाद है
वल्लाह में ऐसा कोई भी खाने का सामान नहीं मिलता जो मरीजों को उपयोगी हो यहां तो बिरयानी, सिक कबाब, समोसा, आलू गुंडा, चाउमन जैसे खाद्य पदार्थ मिलते हैं। सीधी सी बात है संचालक ने खर्चा पानी निकालने के लिए और अपनी निजी जेब भरने के लिए अस्पताल परिसर की प्रॉपर्टी को अन्य व्यवसाय गतिविधियों में झोक दिया है। आश्चर्यजनक बात यह भी है कि नियम विरुद्ध तरीके से चल रही यह दुकान निगम, खाद्य एवं औषधि विभाग, नापतोल में से किसी भी कार्यालय में पंजीकृत नहीं है नगर निगम तो इनका कचरा भी नहीं उठाता जिसका सीधा अर्थ है कि वल्लाह यूजर चार्ज नहीं देता सब कुछ खुल्लम खुल्ला नियम विरुद्ध तरीके से संचालित है।