
24 HNBC ( बिलासपुर )
बिलासपुर। एक तरफ देशभर के किसान केंद्र सरकार के 3 कानूनों को लेकर आंदोलनरत हैं दूसरी तरफ छत्तीसगढ़ में धान की खेती का काम शुरू हो चुका है। किंतु किसान खेत पर काम करें या खाद और कीटनाशक के लिए सोसाइटी की लाइन में खड़ा हो उसे समझ में नहीं आ रहा। मार्कफेड के गोदामों में खाद और कीटनाशक है किंतु सोसाइटी में नहीं है किसानों को 3 से 4 घंटे लाइन में लगकर यही समझ आता है लिहाजा 266 रुपए का यूरिया निजी दुकानों से 350 रुपए तक में लेना पड़ता है यही हाल डीएपी का है। 12 सौ रुपए वाली डीएपी खुले बाजार में 14-15 सौ रुपए तक बिक रही है । इसी बीच किसानों के लिए एक बुरी खबर ऑटोमोबाइल मार्केट पर भी आई है कंपनियों ने स्टील और कमोडिटी सामानों के महंगा होने के कारण ट्रैक्टर का दाम 40 हजार रुपए तक बढ़ा दिया है। 75 एचपी का ट्रैक्टर दाम बढ़ जाने के बाद अब 10 लाख रुपए से ऊपर की कीमत में ही मिलेगा हमारे यहां सबसे कम 20 एचपी का ट्रैक्टर इन दिनों 6 लाख तक है। डीजल के रोज बढ़ते दाम से वैसे भी किसानों की कमर तोड़ कर रख दी है अब महंगा ट्रैक्टर खाद और कीटनाशक के साथ बीज के दामों में भी किसान को परेशानियों में डाल दिया है।