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24hnbc कोलार का पाप अरपा पर भारी, जिसने भी की शिकायत उसे हासिल हुआ ठेंगा
Monday, 21 Jun 2021 18:00 pm
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24 HNBC  (बिलासपुर  ) 
बिलासपुर । महिला एवं बाल विकास विभाग की अव्यवस्था से उनके ही कर्मचारी कितने असंतुष्ट हैं इसका एक उदाहरण विभाग में कार्यरत अणिमा मिश्रा द्वारा राजधानी में भेजी गई शिकायत से लगता है। इस शिकायत को किए 1 साल से अधिक हो चुका पर अभी तक शिकायत दबा कर रखी गई, इससे एक बात तो पक्की हो जाती है कि बिलासपुर में कार्यरत जिला कार्यक्रम अधिकारी का दबदबा राजधानी तक है, तभी तो इसके विरुद्ध की गई शिकायत जो 14-10-2019 में हुई थी पर कोई जांच नहीं हुई जबकि छद्म नामों से की गई शिकायतों पर भी जांच की फाइल तो चल ही पड़ती है। अणिमा मिश्रा एकीकृत बाल विकास परियोजना सरकंडा दो में कार्यरत हैं। यह बात उन्होंने शिकायत तारीख को बताई थी उन्होंने अपनी शिकायत में कहा है कि जिला कार्यक्रम अधिकारी द्वारा जानबूझकर आर्थिक एवं शारीरिक प्रताड़ना दी जाती है। 2016 में शासन के आदेश अनुसार उन्हें सेक्टर का कार्यभार मिलना था जिसे जिला कार्यक्रम अधिकारी ने आदेश क्रमांक 2987 द्वारा बदल दिया गया और आज पर्यंत तक सेक्टर का कार्यभार नहीं दिया गया । माह नवंबर 2016 से अगस्त 2018 तक वेतन आहरण विभिन्न परियोजनाओं से कराया गया। जिस कारण वेतन भुगतान में अत्यधिक विलंब हुआ जबकि नियमित वेतन का आहरण व भुगतान एकीकृत बाल विकास परियोजना बिल्हा दो से किया जाना था सीधा काम न करना जिला कार्यक्रम अधिकारी की आदत है इसी कारण उन्होंने अणिमा मिश्रा का वेतन एकीकृत बाल विकास परियोजना भटगांव जिला बलौदाबाजार से किया। सरकंडा परियोजना से अनुराधा सिंह का वेतन भुगतान कर दिया गया अणिमा मिश्रा को मूल कार्य से वंचित कर एनआरसी में संलग्न कर दिया गया। जबकि एनआरसी में पर्यवेक्षिका का कोई पद ही नहीं है। नवंबर 2016 से 2019 तक एनआरसी में रही एनआरसी में कुपोषित बच्चों का इलाज जिला चिकित्सालय के डॉक्टरों द्वारा किया जाता है ऐसी जगह पर्यवेक्षिका को रखकर जिला कार्यक्रम अधिकारी ने एक कर्मचारी को प्रशिक्षण से वंचित रखा। अणिमा मिश्रा ने विभाग की नौकरी 1987 में ज्वाइन की थी वह पदोन्नति के वरिष्ठता क्रम में भी है किंतु उसे जानबूझकर शासन के आदेश के अनुसार पदस्थापना नहीं दी जाती उसे अधिकतर कार्य आदेश मौखिक दिए गए पीड़िता ने अपनी शिकायत विभागीय मंत्री सहित 8 स्थानों पर की है किंतु आज तारीख तक कोई जांच ना होना इस बात का संकेत है कि कोलार का पाप अरपा पर भारी है।