24hnbc राजनीतिक दलों का ज्वाइंटवेंचर है रेत का खेल
Saturday, 12 Jun 2021 18:00 pm
24 HNBC News
24 HNBC (बिलासपुर )
बिलासपुर। पुरानी कहावत है कि बारूद के ढेर पर बैठकर दिवाली नहीं मनाई जाती बारूद के ढेर से बनाई जाती है। किंतु बिलासपुर में यह कहावत रेत को लेकर उल्टी पड़ती है। यहां तो रेत के ढेर पर रोज दिवाली मनाई जाती है और यह दिवाली उतनी ही लंबी होती है जितना लंबा मानसून होता है मानसून के आने के पूर्व ही मस्तूरी ब्लॉक के मार्ग मल्हार, जोन्धरा के बीच दर्जनों स्थान पर रेत का पहाड़ बना हुआ है यह सब मानसून आने के पहले शुरू हो जाता है। नियम अनुसार रेत के भंडारण के लिए पृथक से अनुमति ली जानी चाहिए हर ठेकेदार एक-एक स्थान की अनुमति ले लेता है एक स्थान की अनुमति की आड़ में चार अवैध स्थानों पर रेत का भंडारण किया जाता है। 1 हजार रुपया राशि 17 सौ रुपए की रेत जोड़कर एक हाईवा बमुश्किल 27 सौ पड़ता है। वर्तमान में एक बाजार में 12 से 15 हजार का है और बारिश के वक्त इसका दाम डेढ़ गुना से 2 गुना तक हो जाएगा और इसी लक्ष्य के लिए तमाम रेत ठेकेदार अपनी राजनीतिक पार्टी की मीठी बातों को हटा कर एक हो गए हैं और रेत के ढेर लगा रहे हैं।
इस बात का विशेष ख्याल रखा जाता है की रेत के ढेर विपक्षी विधायक के क्षेत्र में लगे क्योंकि आरोप तो यहीं से लगते हैं दीया तले अंधेरा की तर्ज पर तमाम विपक्षी विधायक रेत के ढेर पर अपना मुंह बंद रखते हैं दूसरी ओर जनता को भरमाने के लिए टूलकिट पर थाने के सामने प्रदर्शन करते हैं और लाखों रुपए की फीस भरकर दिल्ली से वकीलों का आयात कर बिलासपुर कोर्ट में पैरवी करवाते हैं । टूलकिट जैसे मामलों का जनता से कोई सरोकार नहीं है । जिन मामलों का जनता से सीधा संबंध है उन पर राजनैतिक दल के प्रतिनिधि कभी भी कोई टीका टिप्पणी नहीं करते। रेत के मसले पर जब बोलेंगे तो हाईवा द्वारा बढ़ रही रोड दुर्घटना पर प्रश्नचिन्ह लगाएंगे किंतु मानसून पूर्व रेत की हो रही जमाखोरी पर नेतागण चुप हो जाते हैं।