24 HNBC News
24hnbc सिलगेर के चेस बोर्ड पर जिसे देखो वह कर रहा है राजनीति
Tuesday, 08 Jun 2021 18:00 pm
24 HNBC News

24 HNBC News

24 HNBC. बिलासपुर

बिलासपुर । छत्तीसगढ़ शासन के लिए सिलगेर का आंदोलन अब समस्या बन गया है। एक तरफ राज्यपाल ने अपने स्तर पर पुलिस प्रमुख के से इस मसले पर चर्चा की थी भारतीय जनता पार्टी ने एक जांच दल बनाकर वहां भेजा और अब कांग्रेस को भी एक जांच दल बनाकर भेजना पड़ा। दूसरी तरफ गांव के लोगों को इन जांच दलों पर भरोसा ही नहीं है तभी तो मंगलवार को एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से सीधा मिला असल में पूरा मामला नक्सलवाद के कारण बस्तर क्षेत्र में लगने वाले सुरक्षाबलों के कैंप के खिलाफ है सिलगेर वह स्थान हैं जहां पर कई ग्रामीण एकत्र होकर कैंप का विरोध कर रहे हैं यह आंदोलन मई माह के दूसरे सप्ताह में शुरू हुआ था। ग्रामीणों का आरोप था कि सुरक्षाबलों ने नकली मुठभेड़ में ग्रामीणों को मारा है और बाद में उन्हें नक्सली कहा जा रहा है। आंदोलन के शुरुआती दौर में भारतीय जनता पार्टी ने प्रतिक्रिया नहीं दिखाई और टूलकिट मामले पर धरना प्रदर्शन किया बाद में उन्हें लगा कि यह मामला सत्ताधारी पार्टी को घेरने के लिए ठीक है तब एक फैक्ट फाइंडिंग कमेटी धरना स्थल पर भेजी गई असल में विपक्ष आंदोलनकारियों के साथ खड़ा होना नहीं चाहता क्योंकि यदि वह ऐसा करेंगे तो वह सुरक्षा बलों के खिलाफ खड़े हो जाएंगे ऐसे में भाजपा फूंक-फूंक कर कदम रख रही है। विपक्ष हमलावर नहीं हैं इसलिए सरकार भी निश्चिंत हैं जबकि कांग्रेस ने पिछले विधानसभा चुनाव में नक्सलवाद को मुद्दा बनाकर बस्तर की सभी सीटों पर कब्जा किया था अब ग्रामीणों को ढाल बनाकर कुछ नक्सली संगठन सरकार पर यह दबाव बनाते हैं की कांग्रेस अपने घोषणापत्र को लागू करें जबकि पिछले 2 सालों में नक्सलवाद पर बातचीत के लिए गंभीरता के साथ सरकार ने कोई पहल नहीं की है। सिलगेर आंदोलन के बीच यह भी आरोप लग रहा है कि जो ग्रामीण इस आंदोलन में नहीं जाना चाहते उन पर नक्सली नेता 500 रुपए का जुर्माना लगा रहे हैं दंतेवाड़ा एसपी का कहना है कि इनामी नक्सली बोटी उर्फ भीमा का आत्मसमर्पण नक्सली आंदोलन के लिए बड़ा झटका है और इसी कारण नक्सली नेता दवाओं की नीति बना रहे हैं कुल मिलाकर छत्तीसगढ़ में मानसून के पहले शासन विपक्ष और नक्सली तीनों अपनी-अपनी राजनीतिक चाले चल रहे हैं।