
झोलाछाप डॉक्टर बना हादसे का कारण स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही
जिस नकली डॉक्टर की दवाई से आधा दर्जन से अधिक परिवारों में मौत का मातम छा गया असल में वह चिकित्सक है ही नहीं । बोर्ड पर लिखा हुआ सर नेम एस आर चक्रवर्ती फर्जी नाम है इस नकली नाम वाले चिकित्सक के क्लीनिक पर बड़े शब्दों में लिखा है एक्स रेसिडेंशियल डॉक्टर किम्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल बिलासपुर। अस्पताल में एचआर विभाग में बात करने पर सीईओ ने बताया की इस नाम का व्यक्ति 2018 में हमारे यहां नौकरी किया हुआ है। 12 महीने से कम की अवधि में काम कर रहा था अस्पताल में उसका काम फिजीशियन डॉक्टर के अधीन मलहम पट्टी करने का था जब रिकॉर्ड देखने की बात आई तो उन्होंने मना कर दिया फोटो दिखाने पर उन्होंने माना कि नौकरी करने वाला व्यक्ति यही था। किंतु उन्होंने यह भी बताया कि यह व्यक्ति एमएससी पास नहीं है। गांव वालों से चर्चा करने पर पता चला कि जिस स्थान पर चक्रवर्ती का फर्जी क्लीनिक संचालित हो रहा है वह कुछ माह पुराना है पूर्व में यह क्लीनिक मदन किराना दुकान के पास संचालित था किराना दुकान के मालिक से जानकारी लेने पर पता चला कि चक्रवर्ती का असल नाम शाखा राम है उसने अपने किराएदार का आधार कार्ड भी दिखाया समाचार के साथ आधार कार्ड की फोटो कॉपी छापी जा रही है । असल में शाखा राम का ससुर स्वास्थ्य विभाग में सरकारी नौकरी पर था जो कि अब सेवानिर्मित है अब यही से और यहीं से शाखा राम को फर्जी चिकित्सक बनने का रास्ता प्राप्त हुआ उसने दिखावे के लिए किम्स में कुछ महीने नौकरी की और पड़ोसी ग्राम कोरमी से लगे महमंद में किराए का स्थान लेकर क्लीनिक शुरू कर दिया । गांव की संरचना अजब है नाले के एक तरफ की जमीन आबादी भूमि महमंद की है और लगानी भूमि कोरमी की है । दोनों के बीच विभाजक रेखा गांव का प्राकृतिक नाला है।
झोलाछाप का बड़ा खेल जब फर्जी नामधारी शाखा राम मदन किराना दुकान पर क्लीनिक संचालित कर रहा था। तभी एक न्यूज़ चैनल में उसका भंडाफोड़ हुआ था किंतु उस समय ना तो खबर में यह बताया गया था कि उसका असल नाम क्या है पूरी रिकॉर्डिंग सुनने पर पता चलता है कि फर्जी डॉक्टर कैमरे के सामने स्वयं को चक्रवर्ती ही बता रहा है किंतु मदन किराने वाले इस चारसौबीसी को समझ गया था इसीलिए उन्होंने अपना स्थान खाली करा लिया अब फर्जी नामधारी शाखा राम ने गांव की ही आबादी जमीन को झाडूराम से खरीदा असल में झाडूराम आबादी जमीन पर पट्टा लेकर रहता है उसने अपने पट्टे की कुछ जमीन रेलवे कर्मचारी राम सजीवन यादव को बेच दी और बाद में राम सजीवन यादव ने एक स्टांप पेपर पर लिखा पढ़ी करके यह मलवा दो लाख रुपए में शाखा राम प्रजापति को भेज दी इस तरह यह माना जा सकता है कि गांव के कम से कम 3 लोगों को यह सच्चाई पता थी चक्रवर्ती का असली नाम शाखा राम प्रजापति है
हमें जिस आधार कार्ड की प्रति देखने मिली उसमें शाखा राम का पता धूमा रोड इन फ्रंट मदन किराना महमंद आधार में पते संशोधित होते हैं मोबाइल नंबर भी संशोधित होता है और समय-समय पर फोटो भी संशोधित की जा सकती है अब आधार नंबर से असल पता और व्यक्ति ढूंढना जांच एजेंसी का काम है।