24hnbc असम की हार छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री को घर संभालने की दे रही है सलाह...
Saturday, 01 May 2021 18:00 pm
24 HNBC News
24 HNBC. बिलासपुर
बिलासपुर। आज 5 राज्यों के चुनाव नीतियों से असम की विधानसभा चुनाव के नतीजे से छत्तीसगढ़ की राजनीति सीधे प्रभावित होती है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री जिन्हें कांग्रेस हाईकमान ने असम की जिम्मेदारी दी थी, में न केवल कांग्रेस सरकार बनाने से बहुत दूर हो गई उसे पिछली बार से भी कम मिली। बीजेपी को 126 सीट वाली विधानसभा में 77 सीट मिली, कांग्रेस को केवल 48 पर संतोष करना पड़ा। इस चुनाव में छत्तीसगढ़ की मीडिया ने भी कांग्रेस के नेताओं का खूब भरोसा किया था छत्तीसगढ़ में खूब खबरें छपती थी किंतु छपाक रोग से ग्रसित कांग्रेसी नेता यह भूल जाते थे कि वोटर असम का ही होगा। असम के जिस क्षेत्रों में कांग्रेस को नकार वो असम के भूमि पुत्रों का क्षेत्र है। कोई भी राजनीतिक दल यह गलती कैसे कर सकता है की इन मतदाताओं के क्षेत्रों में हारे जो वहां के मूल निवासी हैं। कांग्रेस का इतिहास पूर्वोत्तर में बीजेपी से कहीं ज्यादा पुराना है ऐसे में अपने ढांचे को बिना मजबूत किए छत्तीसगढ़ ढांचे पर चुनाव का सूट कैसे पहनाया जा सकता है। असम में हार के अतिरिक्त केरल में भी कांग्रेस को सत्ता में आने का मौका नहीं मिला जबकि केरल का मतदाता हर 5 साल में सत्ता बदलता था किंतु इस बार लेफ्ट ने इस भ्रम को तोड़ दिया लगता है। कहीं लेफ्ट के साथ हाथ मिलाना और कहीं कांग्रेस को ही नुकसान कर रहा है। तमिलनाडु में डीएमके ने 144 सीट हासिल करके सत्ता हासिल कर ली, डीएमके को एक दशक के बाद सत्ता मिली है। यहां पर कांग्रेस अपनी झूठ ही सही पीठ थपथपाते किंतु पांडुचेरी में उसे बुरी तरह हार मिली। 30 सीट वाली विधानसभा में केवल 6 सीट पर जीत प्राप्त हुई। हां शायद यह लगता है कि यहां पूर्व मुख्यमंत्री को ही कांग्रेस ने टिकट नहीं दी थी अब कांग्रेस को छत्तीसगढ़ में भी नए सिरे से काम करना होगा और मुख्यमंत्री को इस विशाल बहुमत को देखना होगा क्योंकि विशाल बहुमत विधानसभा में आसान बनाता है जनता के बीच नहीं। लोकतंत्र में जनता रोज निर्वाचित सरकार को फेल और पास करती है और कोरोना की इस घड़ी में छत्तीसगढ़ की जनता रोज अपनी सरकार को फेल कर रही है।