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24hnbc सख्ति के बिना नहीं टूटेगी कोरोना की चेन
Wednesday, 28 Apr 2021 00:00 am
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24 HNBC. बिलासपुर

बिलासपुर । सबसे पहले धन्यवाद कलेक्टर और धन्यवाद सीएचएमओ और उनकी टीम जिसने सोमवार की रात कोविड अस्पताल में ऑक्सीजन पाइप की गड़बड़ी को समय रहते ठीक कराया और ठीक होने के पहले प्रभावित मरीजों को अन्य अस्पतालों में शिफ्ट किया जिससे किसी की भी असमाईक मौत नहीं हुई। घटना की सूचना मिलने पर एक तरफ कलेक्टर और उनके प्रशासनिक अमले ने सीएचएमओ के साथ साम्जस बनाकर बढ़िया काम किया । और बड़ी दुर्घटना को टाला । कोविड अस्पताल में ऑक्सीजन की पाइप फटने की यह तीसरी घटना है। नोडल अधिकारी डॉक्टर गुप्ता पूरे घटनाक्रम में अनुपस्थित रहे ऐसे में उन पर गाज गिरना केवल समय की बात है। अब आधुनिक चिकित्सा में यह देखा जाता है कि डॉक्टरों से ज्यादा आवश्यक इंजीनियरिंग सेक्शन हो जाता है क्योंकि आधुनिक उपकरण उनका संधारण और मेंटेनेंस इंजीनियर के बूते का है जितने अधिक उपकरण आए हैं उन्हें संचालित करने वाला स्टाफ पेशेवर नहीं है या यूं कहें कि संभागीय मुख्यालय में इस तरह के तकनीकी विशेषज्ञों की उपलब्धता नहीं हो पा रही है। अब बात करते हैं 14 तारीख से शुरू हुए लॉकडाउन कि ऐसा माना जाता है कि कोविड चेन तोड़ने के लिए 14 दिनों का लॉकडाउन पर्याप्त होता है बिलासपुर में 14 अप्रैल से लॉकडाउन शुरू हुआ । पहला आदेश खत्म होने के 1 दिन पहले इसे एक्सटेंड किया गया और यह लॉकडाउन 26 तारीख तक के लिए बढ़ाया गया 26 के पूर्व फिर बढ़ाया गया और अब 5 मई तक है। आज 28 अप्रैल है इस तरह आज लॉकडाउन का 15 वां दिन है। स्वास्थ्य विभाग और जनसंपर्क ने रोज कोविड संक्रमित, प्रतिदिन होने वाली मौत, तथा प्रतिदिन लगने वाली वैक्सीन के जो आंकड़े भेजे हैं उनसे एक बात तो स्पष्ट होती है कि संक्रमितो की संख्या 1000 से ऊपर है यह स्थिति तब है जब टेस्टिंग उस मात्रा में नहीं हो पा रही है जैसे कि आदेश हैं मौत भी किसी भी दिन 40 से कम नहीं हुई है। अब बात करते हैं वैक्सिंग की यह तो सब का अंदाज था कि जिस दिन से लॉकडाउन शुरू होगा वैक्सीन लगवाने वालों की संख्या नीचे चली जाएगी किंतु यह लक्ष्य से 10% पर आ जाएगी इस बात का अंदाज नहीं था लॉकडाउन के पहले आदेश पर कढ़ाई काफी थी बाद में सब्जी के फुटकर व्यापारियों को 7:00 बजे सुबह से 1:00 बजे दोपहर तक की छूट दी गई सब्जी विक्रेताओं ने मिली छूट का बेजा फायदा उठाया और सुबह 7:00 बजे से शाम 7:00 बजे तक सब्जी बेचते देखे जा रहे हैं। सब्जी बिक्री की आड़ में ठेले पर समोसा, आलू गुंडा, बिस्किट, चना, मुर्रा तक घूम-घूम कर बेचा जा रहा है। मोहल्ले पड़ोस के चौराहों पर किसी भी समय निकल जाएं 50 से 100 लोग हमेशा बिना किसी डिस्टेंस के साथ खड़े नजर आते हैं इस तरह तो लॉकडाउन 2 महीने भी खींच दें तो कोरोना चेन टूटने वाली नहीं है। संक्रमितो की पहचान उनके निवास क्षेत्र में ही हो इसके लिए माइक्रो प्रबंधन ही एक मात्र विकल्प है। इससे यह लाभ होगा कि संक्रमित व्यक्ति बाहर घूमने नहीं पाएगा इस काम के लिए पार्षद , पंच और आशा दीदी, स्वास्थ्य कार्यकर्ता की एक टीम बनाकर ही काम करना होगा। संक्रमित व्यक्ति को उसके निवास क्षेत्र में ही बेहतर दवा व्यवस्था उपलब्ध करा कर ही अस्पतालों में लगने वाली भीड़ को नियंत्रित किया जा सकता है। अन्यथा वह नागरिक परेशान होगा जो अपने काम व्यवसाय सब पर ताला डालकर नियमों को मान रहा है और घर पर बैठा है।