
जशपुरनगर ।24HNBC
सड़क को लेकर चल रहे सियासत के बीच,इसकी बदहाली,जिलेवासियों के लिए बड़ी समस्या बनी हुई है। जशपुर से सन्नाा पहुंच 52 किलोमीटर लंबी यह सड़क पिछले 5 साल से अधूरा पड़ा हुआ है। हालांकि जिले के प्रथम प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा अधर में लटके हुए सड़क का निर्माण पूरा होने की उम्मीद जरूर,जागी है। लोक निर्माण विभाग द्वारा सड़क निर्माण के लिए तैयार किए गए ड्राइंग डिजाइन और प्रस्ताव में तकनीकि गड़बड़ी की वजह से 52 किलोमीटर लंबी इस सड़क के बीच का 9 किलोमीटर हिस्सा अब भी बुरी तरह से क्षतिग्रस्त पड़ा हुआ है। भाजपा अब इसे कांग्रेस के 2 साल के कार्यकाल की नाकामी बताते हुए,निशाना साध रही है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और छग खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष कृष्ण कुमार राय ने दमेरा चराईडांड़ मार्ग के निर्माण कार्य में अड़गा लगाए जाने पर कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए कांग्रेस से सवाल पूछा था कि दो साल में क्यों नहीं विधायक ने इस सड़क निर्माण को पूरा करने के लिए पहल किया है? जानकारी के लिए बता दें कि जशपुर सन्नाा पहुंच मार्ग के लिए छत्तीसगढ़ की तात्कालिन भाजपा सरकार ने वर्ष 2015 में 17 करोड़ रूपए का बजट आबंटित किया था। निविदा प्रक्रिया के तहत हर्ष कंस्ट्रक्शन कंपनी को इसके निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। लेकिन निर्माण कार्य पूरा होने से पहले ही यह सड़क विवादों में घिर गई थी। सड़क निर्माण में हुई गड़बड़ी पर प्रदेश के तात्कालिन लोकनिर्माण मंत्री राजेश मूणत ने जशपुर प्रवास के दौरान विभाग के आला अधिकारियोंको फटकार लगाते हुए,प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश दिया था। निर्देश के बाद लोक निर्माण विभाग के तात्कालिन ईई सहित तीन अधिकारियों के खिलाफ सीटी कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। इसके साथ ही राज्य सरकार ने एक उच्च स्तरीय जांच टीम का गठन भी किया था।आधा घंटा में तय कीजिए नौ किलोमीटर की दूरीजशपुर से सन्नाा की दूरी महज 52 किलोमीटर की है। लेकिन इस दूरी को तय करने में आज भी लोगों के पसीने छूटते हैं। दरअसल, हर्राडीपा से लेकर सन्नाा के बीच तकरीबन 9 किलोमीटर की यह सड़क प्रदेश सरकार के 17 करोड़ रूपए खर्च कर दिए जाने के बावजूद अधूरा पड़ा हुआ है। इस सड़क के चौड़ीकरण और नवीनीकरण के लिए लोक निर्माण विभाग दो बार प्रस्ताव बना कर प्रदेश सरकार को भेज चुकी है। लेकिन दोनों ही बार,सरकार ने प्रस्ताव को बेरंग लौटा दिया है। वर्ष 2016 में पहाड़ी कोरवा लंबू राम की भूख से हुई कथित मौत की घटना के बाद,पंड्रापाठ पहुंचे तात्कालिन मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के सामने भी सन्नाा के इस विवादित सड़क का मामला उठा था। इस पर उन्होनें अधूरे सड़क का निर्माण पूरा करने के लिए अलग से बजट देने की घोषणा की थी।पहाड़ी कोरवा क्षेत्र को जोड़ती है यह सड़कविवादस्पद जशपुर सन्नाा पहुंच मार्ग प्रदेश के सबसे बड़े पहाड़ी कोरवा आवासीय क्षेत्र को बारहमासी पक्की सड़क से जोड़ने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह सड़क सन्नाा,पंड्रापाठ जैसे शतप्रतिशत पहाड़ी कोरवा आबादी वाले गांवों को जिला मुख्यालय से सीधा जोड़ती है।