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पहाड़ी कोरबा भूमि विवाद दोनों ओर से हो रही राजनीति
Thursday, 18 Mar 2021 00:00 am
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जशपुरनगर24HNBC 

पहाड़ी कोरवाओं की जमीन खरीदी के मामले को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासी तलवारें खींच गई है। एक ओर जहां आदिवासी कांग्रेस ने भाजपा नेताओं पर बेवजह राजनीति कर,उन्हें आर्थिक नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाते हुए प्रबल प्रताप सिंह जूदेव और पूर्व मंत्री गणेश राम भगत सहित अन्य भाजपा नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। वहीं दूसरी ओर प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने दिनेश राम सहित तीन कोरवाओं को मीडिया के सामने पेश करते हुए पुलिस व प्रशासन पर दबाव में काम करने का आरोप लगाया है। आरोप प्रत्यारोप के बीच पहाड़ी कोरवाओं ने 5 एकड़ जमीन खरीदने की बात कह कर,25 एकड़ जमीन की रजिस्ट्री कराने का आरोप लगाया है। कलेक्टर और एसपी से की गई शिकायत में आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री अनिल कुमार किसपोट्टा ने कहा कि भाजपा नेता प्रबल प्रताप सिंह जूदेव,पूर्व मंत्री गणेश राम भगत और कृष्ण कुमार राय ने पहाड़ी कोरवाओं की जमीन खरीदी के मामले में सीधे सादे पहाड़ी कोरवाओं को गुमराह करके,दिनेश राम के अपहरण की झूठी एफआईआर दर्ज कराई। दिनेश कोकुनकुरी से बरामद करने के बाद दिए गए बयान में दिनेश राम ने अपहरण की बात को सिरे से नकार दिया है। भाजपा नेताओं के इस कृत्य से प्रशासनिक अधिकारी व कर्मचारियों के साथ जमीन विक्रेता पहाड़ी कोरवाओं को भी मानसिक,शारीरिक परेशानी हुई है। आवेदन में अनिल किस्पोट्टा ने इस पूरे मामले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री डा रमन सिंह द्वारा किए गए ट्वीट का जिक्र करते हुए,इसे जिले के भाजपा नेताओं द्वारा दी गई गलत जानकारी पर आधारित बताते हुए,सार्वजनिक रूप से क्षमा मांगने की मांग की है।प्रबल ने कहा दबाव में काम कर रहा प्रशासनवहीं दूसरी ओर मंगलवार को भाजपा प्रदेश मंत्री प्रबल प्रताप सिंह जूदेव जमीन मामले से जुड़े पहाड़ी कोरवा दिनेश राम, सहिन्दर राम और लाल साय को शहर के बांकी टोली स्थित अपने आवास में मीडिया के सामने पेश किया। यहां सोमवार को पुलिस थाना कुनकुरी में दिए गए बयान दिनेश राम एक बार फिर पलट गया। उसने कुनकुरी में प्रबल प्रताप और पूर्व मंत्री गणेश राम के खिलाफ दिए गए बयान को दबाव में दिया गया बयान बताया। वहीं मामले से जुड़े इन तीनों पहाड़ी कोरवाओं ने अपनी जमीन को वापस करने की मांग करते हुए दावा किया कि दो स्थानीय दलाल के माध्यम से 5 एकड़ जमीन का सौदा 10 लाख में तय करने का दावा किया। इन्होनें कहा कि लेकिन दलालों ने धोखे से पूरे 25 एकड़ जमीन की रजिस्ट्री करा ली। जिससे अब में लगभग भूमिहीन हो गए हैं। इन कोरवाओं ने अपनी जमीन वापस करने की मांग की है। इस पूरे मामले में प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने प्रशासन के राजनीतिक दबाव में काम करने का आरोप लगाया है। उन्होनें कहा कि उनके पिता दिलीप सिंह जूदेव ने अपनी पूरी जिंदगी पहाड़ी कोरवाओं के संरक्षण के लिए समर्पित किया था। वे भी संघर्ष करने से पीछे नहीं हटेगें।पहाड़ी कोरवाओं की जमीन खरीदी के मामले को लेकर उठा विवादों का यह बवंडर 9 फरवरी को सामने आया था। मनोरा विकासखंड के हर्रापाठ के गुतकिया निवासी महिन्द्र राम,सहिन्दर,रमाशंकर ने कलेक्टर व एसपी से की गई शिकायत में आरोप लगाया था कि आशिष भगत पिता अमरजीत भगत ने उन्हें गुमराह करके 25 एकड जमीन को अपने नाम से रजिस्ट्री करा लिया था। इसके एवज में अलग अलग चेक के माध्यम से 10 लाख रूपये का भुगतान किया गया है। इस आवेदन में इन पहाड़ी कोरवाओं ने जमीन वापस करने की मांग भी की थी।